देश के 66वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार सुबह साढ़े सात बजे लालकिला की प्राचीर से नौवीं बार तिरंगा फहराकर देश को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। इससे पहले उनका काफिला सुबह सवा सात बजे लालकिला पहुंचा। वहां उनकी अगुआई रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने की। प्रधानमंत्री ने इससे पहले महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। पीएम ने कहा है कि अगले पांच सालों में पूरे देश में बिजली की उपलब्धता को बढ़ाना है और हर गांव में बिजली सप्लाई करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। कृषि में 3.3 प्रतिशत की दर से विकास किया है। इस दौरान फसलों का खरीद मूल्य भी दोगुना किया है।पीएम ने कहा कि किसानों की बदौलत ही आज अनाजों के गोदाम भरे पड़े हैं। इसके लिए देश के किसानों को बधाई भी दी।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश के विकास में बच्चे बेहद अहम भूमिका अदा करते हैं। प्राथमिक स्कूलों में आज देश के बारह करोड़ बच्चों को पौष्टिक आहार मिलता है। उन्होंने कहा कि यह विश्व की सबसे बड़ी योजना है।
– प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सबसे बड़ी उपलब्धि हमारे देश का पोलियो ग्रस्त देशों की सूची से बाहर आना है। उन्होंने कहा कि इस योजना में लगे सभी कार्यकर्ताओं को हम अपना सलाम देते हैं, जिन्होंने कड़ी मेहनत के दम पर भारत को पोलियामुक्त राष्ट्र बनाया।
– मनमोहन सिंह ने ऐलान किया है कि नेशनल स्किल डेवलेपमेंट में आठ करोड़ लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार की यह एक महत्वाकांक्षी योजना है जो आने वाले समय में कारगर साबित होगी।
– उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हर घर से एक बैंक खाता खोलने का है, जिससे सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच सके।
– लोकपाल पर पीएम ने कहा है कि वह बिल लोकसभा से पास हो गया है लेकिन राज्यसभा में पास होना बाकी है जिसके लिए उन्होंने विपक्षी पार्टियों से मदद की अपील की।
– पीएम ने गिरती विकास दर पर चिंता जताते हुए भरोसा दिलाया कि वैश्विक मंदी का असर भारत पर नहीं पडऩे दिया जाएगा।
– बढ़ती महंगाई पर चिंता जाहिर करते हुए पीएम ने इससे निबटने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
– शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता को पीएम ने फिर से दोहराया।
– देश की सेहत पर भी पीएम ने सरकार की योजनाओं को गिनाया।
– असम की घटनाओं पर चिंता जताते हुए मनमोहन सिंह ने पीडि़त परिवारों को हर मुमकिन सहायता देने का ऐलान किया।
– नक्सलवाद को पीएम ने बेहद गंभीर समस्या बताया।
– पुणे की घटना का जिक्र करते हुए पीएम ने आंतरिक सुरक्षा पर चिंता जताई।
– बहुचर्चित लोकपाल बिल को पारित करने के लिए पीएम ने फिर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
– आदिवासियों की जमीनों को लेकर चिंताओं को भी प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में जगह दी।

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