रावण वध के बाद शुक्रवार की शाम साढे़ छह बजे बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में मची भगदड़ से मरने वालों की संख्या 33 हो गई है। घायलों में एक की शनिवार की सुबह मौत हो गई। घटना गांधी मैदान के दक्षिणी गेट (रामगुलाम चौक के सामने) शुक्रवार को हुई थी।

गांधी मैदान के दक्षिणी गेट (राम गुलाम चौक के सामने) के नीचे बने लोहे के पाइप के चलते 33 लोगों की जान गयी! पहले एक अधेड़ उम्र की महिला का पैर इसी पाइप में फंस गया और वह जमीन पर गिर गयी। वहीं पर एक केबल का तार भी गिरा था। महिला को अचानक गिरता देख किसी ने करंट फैलने की अफवाह उड़ा दी। नतीजतन हजारों लोगों के बीच अफरातफरी मच गयी।

पहले तो लोगों को कुछ समझ नहीं आया लेकिन थोड़े ही देर बाद भगदड़ मौत बनकर दौड़ने लगी। महिला के उपर सैकड़ो लोग गिर गए। कुछ लोग मौत के मुंह से सही-सलामत निकलकर बाहर चले आए तो कुछ को काल ने अपना ग्रास बना लिया। इसके अलावा हादसे के पीछे एक और कारण सामने आ रहा है। मौका ए वारदात पर लाइट का इंतजाम भी नहीं कराया गया था। अंधेरा होने के कारण लोग ठीक से कुछ देख नहीं पाए। आश्चर्य है कि राजधानी में इतना बड़ा कार्यक्रम करवाया गया और वहां लाइट की व्यवस्था तक नहीं थी। सवाल ये है कि आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी थी?03Oct1412352985patna-2-final_ll

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