इंसान में अगर कुछ करने की इच्छा हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। अगर मन में ठान लिया जाये तो इंसान रंक से राजा बन सकता है। दिल में काम करने का जज्बा हो तो कोई काम छोटा बड़ा नहीं होता। इंसान को सफलता मिलती ही है। ऐसी ही सफलता की मिसाल दी है बिहार के जमाल अहमद ने । आठ साल की उम्र में घर छोड़ ा घरेलू नौकर रहते हुए काम किया। सर्दियों में अंगुलियां सूज जाती थीं। भोजन करना तक दुश्वार था। कमियों पर डांट भी पड़ती। पढऩे की उम्र में जमाल स्कूल का गेट नहीं देख पाए, आज कंप्यूटर के मास्टर हैं और करोड़ो की कंपनी के मालिक भी।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में 101 स्मार्ट क्लासेज के निर्माण का जिम्मा भी उनकी फर्म को मिला है। 37 साल के जमाल इस साल हाई स्कूल की परीक्षा में बैठे हैं।
बिहार के सिवान जिले के रामपुर पांडे टोला निवासी जमाल अहमद का परिवार बेहद गरीब था। आठ साल के थे कि पिताजी के इलाज में खेत बिक गए। दोनों वक्त की रोजी-रोटी के लाले पड़ तो गांव के परिचित के साथ जमाल मजदूरी करने अलीगढ़ आ गए। घर में नौकर काम मिला। कुछ बिगड़ता तो डांट भी सुनते। सर्दियों में ठंडे पानी से बर्तन सफाई में हाथ सूज जाते थे। आज के युवाओं के लिए इससे बड़ी प्ररणा कुछ नहीं हो सकती।
आजिज आए जमाल घर भाग गए। दो साल बाद फिर अलीगढ़ लौटे। काम मिला, कंप्यूटर सेंटर में झाडू-पोंछा का। रात को सेंटर पर ही सो जाते। computer teacherनींद नहीं आती तो कंप्यूटर से ‘खेलने’ लगते। यहां के छात्रों से अंग्रेजी सीखी। आजमगढ़ के मुहम्मद परवेज ने जमाल के हुनर को पहचाना और अपने यहां काम दे दिया। 1998 में 2600 रुपये पर मुहम्मद वासिद के सेंटर पर नौकरी मिली। कंप्यूटर की कई नब्ज जान चुके जमाल ने पार्टनरशिप में जमाल कंप्यूटर्स खोला।
एएमयू ने ही उन्हें 2.75 करोड़ रुपये से 101 स्मार्ट क्लासेज बनाने का काम दे रखा है। शहर में पावना ग्रुप, अवर लेडी फातिमा, इकरा पब्लिक स्कूल, संत फिदेलिस, विकास ऑटो सेल्स, ब्लू बर्ड स्कूल आदि में कंप्यूटर मेंटेनेंस का जिम्मा भी देखते हैं। अनजान शख्स जमाल को कंप्यूटर इंजीनियर ही मानेगा। यह और बात है कि उनके पास कोई डिग्री-डिप्लोमा नहीं है। अंग्रेजी के सारे काम भी खुद करते हैं। एएमयू वीसी जमीरुद्दीन शाह को जमाल ने हकीकत बताई तो वे कुर्सी से उठ खड़े हुए।
जमाल ने बताया कि आज मेरे पास सब कुछ है। मां-बाप, भाई-बहन भी मेरे ही पास रहते हैं। दो भाई एएमयू में पढ़ रहे हैं। बड़ा भाई कारोबार में है। मां-बाप के हर सपने का पूरा कर रहा हूं।

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