fast foodदंत चिकित्सकों के अनुसार मिडनाइट स्नैक्स लेने के बाद अधिकतर लोग दांतों में ब्रश नहीं करते। खाकर सीधा सो जाते हैं। इसलिए खाद्य पदार्थों के कुछ कण दांतों में चिपक जाते हैं जिनमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं ,विशेषकर मीठा खाने बाद तो इनसे बचना ना -मुमकिन है। इससे दांतों में कैविटीज हो जाती है।
मिडनाइट स्नैक्स खाते समय तो बहुत मा आता है पर इनसे हमारा पाचन तंत्र प्रभावित होता है। खाये हुए को पचाने में काफी समय लगता है। मध्य रात्रि में इतना समय नहीं होता क्योंकि हम सो जाते हैं। इसलिए मिडनाइट स्नैक्स से बचना ही बेहतर है।
भी कभार मिडनाइट स्नैक्स लेना ठीक है पर उसे आदत बनाना बिलकुल गलत है।मिडनाइट स्नैक्स का सबसे बड़ा नुक्सान है वजन बना /बढना। देर रात्रि में खाये स्नैक्स सीधे कैलोरी में बदल जाते है।क्योंकि उनको लेने के बाद कोई शारीरिक श्रम तो होता नहीं। इस तरह खाया पीया फैट में बदल जाता है।इसलिए मिडनाइट स्नैक्स से बचें। अगर मजबूरी वश कुछ लेना भी पड़ता है ,विशेषकर समारोहों में तो ऐसे में घर के अंदर 10 मिनिट तक टहल लें।

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