मोदी के बाद अरुण जेटली होंगे पावर फुल बता रहे हैं मोहित सिंह
ऐसा कहा नहीं बल्कि माना जाता है कि अत्मविश्वास जिस भी व्यक्ति या संगठन में होता है वो किसी भी परिस्थिति में टूटता नहीं और इसके ठीक विपरीत ऐसा भी होता है कि अत्याधिक आत्मविश्वास कभी-कभी बड़ा नुकसान भी करा देता है। इन्हीं सब हालातों से आज भारतीय जनता पार्टी दो चार हो रही है पार्टी का आत्मविश्वास चरम पर है मोदी की लोकप्रियता से अतिउत्साहित भाजपा व संघ ने चुनाव परिणाम आने से पहले सरकारी तंत्र में आमूल चूल परिवर्तन करने के लिये ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। ब्यूरोक्रेसी जो पूर्व में नेताओं को और सरकार को अपने इशारों पर चलाती कर आज संघ ने उनको भी जकड़ रखने का प्लान तैयार कर लिया है। ब्यूरोक्रेसी पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से संघ के कई बड़े अधिकारी इस काम में लग चुके हैं। इतना ही नहीं संघ ने सरकार के विभागों को भी अलग-अलग करने का कार्य शुरू कर दिया है। गौरतलब हो कि संघ की सोच यह है कि इस बार भाजपा की सरकार बनी तो अगले 25 वर्षों तक भारत में भाजपा का राज रहे है। यही नहीं संघ ने सरकार आने से पहले मोदी की कैबिनेट को भी मूलत: रूप दे दिया है। मोदी लहर से उत्साहित भाजपा और संघ अब किसी भी कीमत पर लाल किले पर मोदी का जनता के नाम सम्बोधन का प्रसारण चाहता है। इसलिये दो दिन पूर्व ही मोदी के अयोध्या दर्शन करने के पहले ही कैबिनेट को अमली जामा पहना दिया गया। गौरतलब हो कि संघ ने अटल बिहारी बाजपेयी का सम्मान करते हुए उनके कार्यकाल के ब्यूरोके्रट्स को खास महत्व ही नहीं दिया बल्कि एक तरीके से उन्हें सरकार में भूमिका निभाने का निमंत्रण भी दे डाला है। ये ब्यूरोक्रेट्स बीजेपी नेताओं को यह बता रहे हैं कि नई सरकार को किन-किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और उसे क्या करना चाहिए। थिंक टैंक का मुख्य काम सरकार के कामकाज में आने वाली समस्याओं को खत्म करना रहेगा। यूपीए शासन के दौरान सत्ता के दो केंद्र थे और सरकार में ऐसा नहीं होना चाहिए। मोदी ने साउथ ब्लॉक में का41349064124_Arunjaitely295म करने का नया माहौल पैदा करने का निश्चय किया है। माना जा रहा है कि नई सरकार के बाद बीजेपी के घोषणापत्र में शामिल बातों को पूरा करने के लिए इन ब्यूरोक्रेट्स को पूर्ण अधिकार और शक्तियां दी जाएंगी। आठ बड़े मंत्रालयों में से कुछ का विलय होगा और कुछ को अलग करके उन्हें नई जिम्मेदारी मिलेगी। वित्त मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय और रेलवे मंत्रालय का नया रूप देखने को मिलेगा। थिंक टैंक द्वारा दी गई तीन पेजों की रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि कुछ केंद्रीय मंंत्रालयों को आपस में मिला दिया जाएगा और कुछ के नए विभाग बनाए जाएंगे। साथ ही कुछ पुराने विभागों को खत्म कर दिया जाएगा। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय से विदेश व्यापार महानिदेशालय को हटा दिया जाएगा और इसे बाहरी मामलों के मंत्रालय के साथ जोड़ दिया जाएगा। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को वित्त मंत्रालय के साथ जोड़ दिया जाएगा। रेलवे में भी एक नया विभाग बनाया जाएगा जो बुलेट ट्रेन चलाने को लेकर ब्लू प्रिंट तैयार करेगा। इस विभाग की जिम्मेदारी रेलवे मंत्रालय के अंतर्गत रेलवे बोर्ड की होगी। इन ट्रेनों को चार साल के भीतर चलाया जाएगा। नई सरकार में पर्यटन को बढ़ावा देना पहली प्राथमिकता होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय में एक नया डिपार्टमेंट बनाया जाएगा। यह डिपार्टमेंट पीएमओ और सभी 29 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच रोजाना संपर्क बनाएगा। इसमें मुख्य सचिव के स्तर का एक अधिकारी होगा, जो पीएमओ और मुख्यमंत्रियों के बीच के संवाद की रिपोर्ट रोजाना प्रधानमंत्री को देगा। जल संसाधन मंत्रालय को नया नाम देकर, कृषि मंत्रालय व ग्रामीण मंत्रालय से एक नया डिपार्टमेंट बनाया जाएगा। मोदी देश की सीमाओं से लगे राज्यों जैसे राजस्थान, गुजरात, पंजाब आदि के मुख्यमंत्रियों के सीधे संपर्क में रहेंगे ताकि सुरक्षा के मुद्दों पर रोजाना बातचीत की जा सके। सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की हर सप्ताह राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक होगी। यूपीए सरकार द्वारा बनाई गईं प्रमुख योजनाएं जैसे मनेरगा आदि की समीक्षा होगी और उनमें जरूरी सुधार किए जाएंगे।
वित्त मंत्रालय- वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली को सौंपी जा सकती है।
रक्षा मंत्रालय- मोदी की इच्छा देश में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और घरेलू हथियार उद्योग को बढ़ावा देने की है। सेना को आधुनिक बनाने और उसे अत्याधुनिक हथियार मुहैया कराने जैसे मुद्दे मोदी कई बार अपनी सभाओं में बता चुके हैं।
विदेश मंत्रालय- विदेश मंत्रालय का जिम्मा ऐसे शख्स को सौंपा जाएगा जो अर्थव्यवस्था और डिप्लोमैसी की समझ रखता हो और जो मोदी के आइडिया पर काम करता हो। इस दौड़ में पहला नाम यशवंत सिन्हा का सामने आ रहा है। यशवंत एनडीए सरकार में वित्त और विदेश मंत्रालय संभाल चुके हैं।
रेल मंत्रालय- रेल जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय एनडीए के महत्वपूर्ण सहयोगी टीडीपी के खाते में जा सकता है। वाजपेयी सरकार के दौरान टीडीपी एनडीए में शामिल थी लेकिन सरकार में शामिल नहीं थी। इस बार समझौते के तहत चंद्रबाबू नायडू में सरकार में शामिल होने की बात कही है। इसलिए माना जा रहा है कि अपने विश्वसनीय सहयोगियों को रेल जैसा बड़ा मंत्रालय सौंपा जा सकता है। – रेल मंत्रालय को लेकर एनडीए के सहयोगी रामविलास पासवान भी अपना दावा ठोंक सकते हैं।
कृषि मंत्रालय-कृषि मंत्रालय अकाली दल के खाते में जा सकता है।-अकाली दल के नेता और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बहू हरसिमरत कौर इसके प्रमुख दावेदार मानी जा रही हैं।
वहीं भाजपा के कद्दावर मुस्लिम नेता मुख्तार अब्बास नकवी को महत्वपूर्ण सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय नरेन्द्र मोदी की खास मीनाक्षी लेखी को पर्यटन मंत्रालय दिये जाने की संभावना है वहीं उत्तर प्रदेश के , स्मृति ईरानी, कृष्णा राज व तेज तर्रार भाजपा नेत्री अंजू बाला व रिटार्यट जनरल वीके सिंह को मंत्रिमण्डल में शामिल किया जा सकता है।

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