लीड सुनंदा
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शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेरफेर करने का दबाव होने के डॉक्टर सुधीर गुप्ता के दावे को आज एम्स ने खारिज कर दिया और इस तरह इस रहस्यमई मृत्यु के मामले में नया मोड़ आ गया है। पिछले साल नवंबर में एक होटल में रहस्यमई परिस्थितियों में मृत मिलीं सुनंदा का पोस्टमार्टम करने वाली तीन सदस्ईय टीम की अगुवाई करने वाले एम्स के फोरेंसिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख सुधीर गुप्ता ने अपने ऊपर दबाव होने का आरोप लगाया था जिसे खारिज करते हुए एम्स ने कहा है कि संस्थान गुप्ता के दावे को स्पष्ट रूप से खारिज करता है।
एम्स के प्रवक्ता अमित गुप्ता और नीरजा भटला ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि सुधीर गुप्ता पर ऑटोप्सी रिपोर्ट को बदलने के लिए किसी तरह का बाहरी दबाव था। इससे पहले कल खबरें आई थीं कि गुप्ता ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के समक्ष एक हलफनामे में अपना आरोप लगाया था। गुप्ता ने एम्स में संकाय के एक सदस्य को पदोन्नत करने के सरकार के फैसले के खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को पत्र भी लिखा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पदोन्नति की प्रक्रिया तत्कालीन संप्रग सरकार के समय शुरू हो गई थी ताकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं बदलने के लिए उन्हें विभाग प्रमुख के पद से हटाया जा सके। इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि उन्होंने सुधीर गुप्ता के आरोप के मद्देनजर एम्स निदेशक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
एम्स के दोनों प्रवक्ताओं ने आनन फानन में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा, एम्स प्रशासन इस तरह के किसी भी आरोप का स्पष्ट रूप से खंडन करता है कि सुधीर गुप्ता पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने के लिए दबाव डालने की किसी तरह की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, ”हमारे पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उन पर बाहर से कोई दबाव था और उन्होंने उस पर किस तरह काम किया। सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है और थरूर ने अपनी पत्नी की मृत्यु का सही सही कारण पता लगाने की मांग की है। दिल्ली पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने कहा कि पुलिस जरूरत पडऩे पर गुप्ता और थरूर से पूछताछ करेगी। इस बीच बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस आयुक्त ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को सुनंदा की मौत की जांच के बारे में जानकारी दी है। बताया जाता है कि बस्सी ने सिंह को जांच में अभी तक हुई प्रगति के बारे में बताया और इसे जल्दी पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। बस्सी ने कहा, मामले में भविष्य में क्या होगा, मैं अभी आपको नहीं बता सकता। लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि मामले में जांच चल रही है। जो भी जरूरी होगा, किया जाएगा। अगर डॉ गुप्ता से पूछताछ की जरूरत पड़ी तो ऐसा किया जाएगा। उधर गुप्ता ने हर्षवर्धन को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि उन्हें विभाग प्रमुख के पद से हटाने के ‘दुर्भावनापूर्णÓ कदम का सुनंदा और अरूणाचल के छात्र निदो तानिया के पोस्टमार्टम से संबंध है क्योंकि उन्होंने निहित स्वार्थों के खिलाफ पेशेवर और नैतिक रूख अपनाया था। अरूणाचल के रहने वाले तानिया की जनवरी में राजधानी के एक बाजार में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

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