Twitter
Twitter V/S Central government

सोशल मीडिया पर चल रही असम हिंसा से जुड़ी फर्जी सामग्र्री को हटाने पर सरकार और ट्विटर के बीच रार थमती नजर नही आ रही है. अब तक सोशल नेटवर्किंग साइटों ने गृह मंत्रालय के आदेशानुसार 282 वेबसाइटों व वेबपेजों को प्रतिबंधित कर दिया है लेकिन ट्विटर ने अभी तक अपने 28 वेबपेजों को प्रतिबंधित नहीं किया है. यही नहीं उसने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के छह फर्जी अकांउट्स को भी बंद नहीं किया. 12 घंटे के अल्टीमेटम के बाद भी गुरुवार को इन अकाउंट्स का संचालन चलता रहा. फिलहाल ट्विटर पर लगाम लगाने के लिए सरकार में उच्च स्तर पर मंत्रणाओं का दौर जारी है.
गृह मंत्रालय ने बुधवार को ट्विटर को पीएमओ से जुड़े एकाउंट और असम हिंसा जुड़े फर्जी व नफरत फैलाने वाले वेब पेज प्रतिबंधित करने को कहा था लेकिन पेज प्रतिबंधित करने के बजाय ट्विटर ने सरकार को तकनीकी मुश्किलें गिना दीं. जबकि गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि ट्विटर तकनीकी मुश्किलों से खुद निपटे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि देश की एकता, अखंडता व राष्ट्रीय सुरक्षा से बढ़कर ट्विटर की आजादी नहीं हो सकती है. वहीं, पीएमओ के नाम से जुड़े एकाउंट पर गुरुवार को ताजा राजनीतिक घटनाक्रम से संबंधित टिप्पणियां डालीं गईं.
इस बीच गुरुवार को कुछ वरिष्ठ पत्रकारों के ट्विटर एकाउंट ब्लाक से होने से भ्रम की स्थिति बन गई. इसके लिए सीधे तौर पर गृह मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराया जाने लगा. बाद में गृह मंत्रालय का स्पष्टीकरण आया कि किसी पत्रकार के ट्विटर एकाउंट को प्रतिबंधित करने का निर्देश नहीं दिया गया है. आशंका है कि गृह मंत्रालय को दबाव में लाने के लिए जानबूझकर वरिष्ठ पत्रकारों के एकाउंट ट्विटर की ओर से ही प्रतिबंधित किए गए थे.
स्थिति से निपटने के लिए सूचना व तकनीक मंत्री कपिल सिब्बल ने गृह सचिव आरके सिंह, खुफिया ब्यूरो के निदेशक नेहचल संधु और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन की बैठक बुलाई. लेकिन बैठक के नतीजों के बारे में कोई भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है. सूत्रों के अनुसार मोबाइल और इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों को ट्विटर की सेवा बंद करने का निर्देश दिया जा सकता है. लाइसेंस की शर्तों से बंधी ये कंपनियां राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरे और सामाजिक सद्भाव बिगडऩे की स्थिति में सरकार का निर्देश मानने के लिए बाध्य होंगी.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.