jewellry desinerरिटेल ज्वेलरी में डिज़ाइन द्वारा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाए जाने के साथ, ऐसे हुनरमंद और नई सोच रखने वाले डिज़ाइनरों की बहुत भारी मांग है जो अपने सपनों को हकीकत में बदल सकें। आंकड़ों के मुताबिक, 2013 में स्वदेशी रत्न एवं आभूषण उद्योग के बाजार का आकार 251,000 करोड़ रुपये था जो 2018 तक 500,000-530,000 करोड़ तक बढऩे की संभावना रखता है। हाल ही में एक सर्वेक्षण ने ज्वेलरी डिज़ाइन को 2017 तक सबसे ज्यादा तलाशे जाने वाले करियर के रूप में दर्शाया है। ज्वेलरी डिज़ाइनर डिज़ाइन की संकल्पनाओं को आभूषण के खूबसूरत नगों में बदलने के लिए रचनात्मकता और कल्पना को इस्तेमाल करते हैं। और डिज़ाइन के कोर्स रत्न एवं आभूषण उद्योग में एक जीविका हेतु तैयार होने में अभिलाषी डिज़ाइनरों की मदद करते हैं। जीआईए(जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यिूट ऑफ अमरीका) संस्थान जिसे रत्न एवं आभूषण शिक्षा में विश्व अग्रणी माना जाता है, 31 जुलाई से दिल्ली में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी, 9 सप्ताह के एक व्यावहारिक ज्वेलरी डिज़ाइन कोर्स का आयोजन कर रहा है।

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