मलिहाबाद qq में काल का महाप्रलय जारी है। जहरीली शराब पीने से 17 और लोगों की मौत हो गयी है। अब तक मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 50 पहुंच चुकी है। वहीं 122 लोग अभी अलग-अलग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। आलम यह है कि मलिहाबाद में सिसकियां नहीं थम रही है। पिछले तीन दिनों से जनाजे निकल रहे है। जबकि कई परिवारों में निवाले का टोटा तक पड़ गया है। वह गम के आंसू पीकर जीने को मजबूर हैं। उधर जहरीली शराब बनाने वाले फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस टीम को कोई सफलता नहीं मिली है। हालांकि उसका कहना है कि जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा। फिलहाल गांव में स्थित तनावपूर्ण है जिसके मद्देनजर पुलिस व पीएसी तैनात है।
मलिहाबाद के दतली गांव में जहरीली शराब पीने से हुई अब 50 लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार देर रात से बुधवार तक 17 और लोगों ने दम तोड़ दिया है। मरने वालों में मलिहाबाद के अटौरा गांव निवासी शिवबालक, रामपुर बस्ती निवासी अनिल कनौजिया, दतली गांव निवासी पूरन उर्फ धासू, खडपा निवासी कैलाश, बाबू, दीनदयाल, नरेश धोल, दतली निवासी सूरज, कनार गांव निवासी मुन्ना, मलिहाबाद निवासी विश्वनाथ, बॉबी, कृष्णा, नितिन और उन्नाव निवासी राजकुमार हैं। वहीं 122 लोगोें से अधिक अब भी राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हेैं।
मलिहाबाद के गांव में आलम यह है कि पिछले तीन दिनों से जनाजे निकल रहे हैं। जिससे सिसकियां थमने का नाम ही नहीं ले रही है। हर दिन जहरीली शराब अपना असर दिखा रही है और लोगों को निगलती जा रही है। जहरीली शराब के प्रकोप से कई परिवारों पर जहां उनके रोजी रोटी का सहारा छीन लिया। वहीं कई परिवारों को खाने तक का टोटा पडा हुआ है। कारण है कि जहरीली शराब पीने से हुई मौत में ज्यादातर वो लोग थे जो मेहनत मजदूरी कर परिवार चला रहे थे। सुबह कमाते थे और शाम को खाते थे। लेकिन जहरीली शराब पीने से एक ही पल में उनका सबकुछ खत्म हो गया। हालांकि ग्राम प्रधान व ग्रामीण ऐसे समय में उन परिवारों का सहारा बने है जिनकी जीविका छिन गयी है। उधर सरकार के सख्त रवैये को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शराब बनाने वाले व बेचने वालों के खिलाफ नकेल कसनी शुरू कर दी है। लगातार आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। फिलहाल गांव में स्थित अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। जिसके चलते वहां से पुलिस व पीएसी को तैनात रखा गया है।

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