नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबतक एनडीए सरकार के एजेंडे में विदेश नीति को खासी तवज्जो दी है लेकिन लगता है इस पर उनकी राह आसान नहीं होने वाली है। आतंकवाद के विरुद्ध फंडिंग में चीन के साथ भारत के पारंपरिक साथी रुस ने भी पाकिस्तान का साथ दिया। फंडिंग पर हाल ही में ब्रिस्बेन में आयोजित सम्मेलन में पाक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव का न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने भी विरोध किया लेकिन भारत रूस के स्टैंड को लेकर हैरान है।  इस बैठक में जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैय्यबा के खिलाफ पाक की ओर से कोई कदम नहीं उठाये जाने पर भारत ने पाक की निंदा किए जाने की मांग की थी। इसपर अब रूस ने भी भारत को झटका दिया है।

 पाक से नजदीकियां
रूस और पाकिस्तान के सैन्य सहयोग को अमरीका के साथ भारत की बढ़ती नजदीकी पर प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। हाल ही में रूस-पाकिस्तान में एमआई-35 हेलीकॉप्टर खरीद करार हुआ है। दोनों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 10 बिलियन डॉलर के मुकाबले 20 बिलियन डॉलर हो गया है।

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