akhilesh shivpal azamएक भतीजा अपने चाचाओं से परेशान है। उसकी परेशानी यह है कि वह उत्तर प्रदेश सरकार का मुखिया है और अपने चाचाओं के अनूठे बयानों पर सफाई देनी पड़ती है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को परेशानी में डालने वाला बयान इस बार दिया है उद्यान मंत्री राजकिशोर सिंह ने।

उद्यान मंत्री राज किशोर सिंह ने कहा है कि कोई अधिकारी भ्रष्टाचार करते या घूस लेते पकड़ा गया तो वो उसे जान से मार डालेंगे। मंत्री ने कहा कि अगर वे ऐसा नहीं कर पाए तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। गौरतलब है कि किसी को जान से मारने की धमकी दिये जाने पर भारतीय दंड संहिता के तहत 2 साल कैद की सजा का प्रावधान है.मंत्री के इस बयान के बाद सनसनी है। इसके पहले उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव के भाई और सूबे के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने एटा में एक बैठक के दौरान अधिकारियों को चोरी करने तक की सलाह दे डाली। मंत्री जी के इस बयान के बाद अधिकारी हक्के-बक्के रह गए। शिवपाल सिंह यादव ने अपने विभाग के अफसरों से कहा कि यदि मेहनत करोगे तो चोरी कर सकते हो, लेकिन डकैती मत करना। शिवपाल सिंह यादव ने आगे भी बोलना जारी रखा लेकिन जैसे ही उनकी नजर मीडिया के कैमरे पर पड़ी, उन्होंने तुरंत इसे बंद करा दिया।

कुछ दिनों पहले शिवपाल सिंह यादव ने ही मैनपुरी में कहा था कि वो गाय को बचाएं और इसके बदले नीलगायों को मारें व उनका कबाब खाएं। शिवपाल यहां भी नहीं रूके। उन्हें कहा था, ‘गायों की हत्या न करें, वो नीलगाय से कम हैं… नीलगाय को कोई भी मार सकता है। कबाब के रूप मे उनका स्वाद अच्छा होता है।’

शिवपाल की तरह उत्तरप्रदेश के कबीना मंत्री आजम खान भी काफी बड़बोले हैं। उन्होंने कुछ दिनों पहले यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि प्रदेश के रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय सम्बन्धी विधेयक को तत्कालीन राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने जानबूझकर लटकाए रखा और उस पर दस्तखत नहीं किए। अगर कोई जम्हूरियत और कानून का मुल्क होता तो राज्यपाल को दिल्ली के लाल किले पर ले जाकर झंडा फहराने वाली जगह पर फांसी दे दी जाती। गौरतलब है कि जौहर विश् वविद्यालय आजम खां के पुरखों की याद में बनवाया जा रहा था। आपको बताते चलें कि बड़ी मान मनौव्वल के बाद आजम खां सरकार में शामिल हुए थे और उन्होंने मंत्री पद की शपथ भी ठीक से नहीं ली थी। उन्हें दाबारा शपथ दिलाई गई थी।

इससे पहले बिजली संकट को देखते हुए सरकार ने 17 जून को राज्य से सभा बाजार और शॉपिंग मॉल शाम सात बजे बंद करने का फरमान जारी किया था लेकिन व्यापारी संगठनों और विपक्षी दलों की आलोचना के बाद सरकार को 24 घंटे के अंदर फैसला वापस लेने के लिए बाध्य होना पड़ा। इस मसले पर सरकार को दो बड़े कैबिनेट मंत्रियों-शिवपाल सिंह यादव और आजम खान के बयान अलग-अलग अलग थे। दोनों के पास इसकी जानकारी तक नहीं थी कि मुख्यमंत्री क्या आदेश दे चुके हैं।

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