20140905_inq_fbit05-aश्रीनगर। कश्मीर घाटी में बारिश और बाढ़ की चपेट में आकर अलग-अलग इलाकों में फंसे लाखों परिवार अब भी राहत का इंतजार कर रहे है। जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात को देखते हुए फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही। हालांकि सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ की टीमें दिन-रात राहत कार्य के काम में जुटी हुई है। लेकिन चारों तरफ पानी भरा होने के कारण कुछ इलाकों में पहुंचने में दिक्कत आ रही है। वहीं संचार सेवा भी पूरी तरह ठप होने के कारण मुश्किलें बढ़ गई है। देश के अलग-अलग इलाकों से घाटी घूमने गए सैकड़ों पर्यटक भी बाढ़ में फंसे हुए है। प्रशासन की तरफ से कुल 8 से 10 कंट्रोल रूम खोले गए है। हिंदनाला और गांदरबल अलर्ट पर है।
घाटी में मची तबाही के बीच फंसे लोगों ने प्रशासन से किसी भी तरह उन्हें जिंदा बचाने की अपील की। एनआईटी में शरण लिए हुए लोगों ने आईबीएन7 के जरिए अपने परिवारवालों को खुद के सुरक्षित होने की जानकारी दी। हॉस्टल में भी पानी भरा होने के बावजूद छात्र लगातार प्रभावित लोगों की मदद के काम में जुटे है। लोगों ने प्रशासन से कश्ती मुहैया कराने की मांग की। खाने का सामान भी खत्म हो चुका है। दूसरी ओर डल झील का पानी सड़कों तक पहुंचने के बाद लोग अपने घरों को खाली कर भागने को मजबूर है।
श्रीनगर में बाढ़ की चपेट में अलग-अलग इलाकों में फंसे लोगों में प्रशासन की तरफ से मदद नहीं मिलने पर भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि उनके छोटे-छोटे बच्चे भूखे मर रहे है, एक-एक घर से कई लाशें मिल रही है, लेकिन उन्हें वहां से निकालने के लिए अबतक न तो बोट भेजे गए और न ही चॉपर। लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वो पानी से बीचों बीच फंसे हुए है, परिवारवालों का कुछ पता नहीं चल रहा है। सरकार सिर्फ झूठे वादे कर रही है। रोते -बिलखते इनलोगों ने अब जिंदा बचने की उम्मीद भी खो दी है।
जम्मू कश्मीर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना के जवान भी 24 घंटे मोर्चा संभाले हुए हैं। जिन इलाकों का संपर्क मुख्य सड़कों से कट गया है वहां सेना पंटून पुल के जरिए लोगों को निकालने की कोशिश कर रही है। सेना और एनडीआएफ की टीम ने 47 हजार से ज्यदा लोगों को बचा लिया है। जम्मू और श्रीनगर में सेना ने अपने 200 से ज्यादा कॉलम तैनात किए हैं। सेना की तरफ से 70 हजार से ज्यादा कंबल, हजारों लीटर पीने का साफ पानी, और खाने पीने के पैकेट बांटे हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टर लोगों को बचाने के लिए 300 से ज्यादा बार उड़ान भर चुके हैं।
जम्मू कश्मीर की बाढ़ में फंसे लोगों को उनके शहरों तक पहुंचाने में मदद के लिए एयर इंडिया ने 2 फ्लाइट मुफ्त शुरू की हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे देश के दूसरे हिस्सों के लोगों के श्रीनगर आने के बाद इन फ्लाइट के जरिए दिल्ली लाया जाएगा। उसके बाद ये अपने-अपने घरों को जा सकते हैं। उधर केंद्र ने जम्मू कश्मीर सरकार को अभी तक बचाए गए लोगों की लिस्ट बनाकर उसे जल्द से जल्द सरकारी वेबसाइट पर डालने को कहा है। वहीं उत्तराखंड सरकार ने 10 करोड़, बिहार सरकार ने 9 करोड़ और गुजरात सरकार ने 5 करोड़ रुपए की मदद का ऐलान किया है। दिल्ली प्रदेश बीजेपी ने राहत सामग्री से भरे ट्रक जम्मू कश्मीर भेजे हैं।
बाढ़ से बदतर हालात के बीच भक्तों के लिए अच्छी खबर ये आई कि मंगलवार से वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू कर दी गई। मंगलवार सुबह 5 बजे से भक्तों को माता वैष्णो देवी के भवन जाने की इजाजत मिल गई। बता दें कि 4 दिन रुकने के बाद सोमवार सुबह कटरा से यात्रा फिर शुरू की गई थी। मगर अचानक भारी बारिश की वजह से श्राइन बोर्ड ने यात्रा बंद कर दी थी। उधर हालात थोड़ा संभलने के बाद कटरा-उधमपुर रेल रूट भी बहाल हो गया। इस बीच कश्मीर घाटी को लद्दाख क्षेत्र से जोड़ने वाला श्रीनगर लेह नेशनल हाईवे भी ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया।

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