राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रचारक और सुर्खियों से दूर रहकर संगठन के लिए काम करने वाले मनोहर लाल खट्टर को मंगलवार को हरियाणा में भाजपा की ओर से पहला मुख्यमंत्री बनने के लिए चुन लिया गया। 60 वर्षीय खट्टर गैर जाट हैं और पंजाबी समुदाय से राज्य के पहले मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें आज सर्वसम्मति से हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया जिससे राज्य में पार्टी का पहला मुख्यमंत्री बनने का उनका मार्ग प्रशस्त हो गया है। भाजपा ने राज्य में विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया है।

पार्टी उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि चंडीगढ़ में पार्टी के नवनिर्वाचित 47 विधायकों की बैठक में खट्टर को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू के साथ शर्मा भी मौजूद थे जिन्हें भाजपा संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भेजा था।

खट्टर पहली बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने 40 साल तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में काम किया। रोहतक जिले में जन्मे खट्टर ने करनाल सीट से चुनाव लड़ा और 63,736 मतों के भारी अंतर से निर्वाचित घोषित किए गए। उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का करीबी माना जाता है।

दिनेश शर्मा ने कहा कि राज्य में पार्टी की पहली सरकार के शपथग्रहण समारोह की तिथि की घोषणा जल्द ही की जाएगी। मुख्यमंत्री पद के एक अन्य आकांक्षी रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राम विलास शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने खट्टर के नाम का प्रस्ताव किया जिसका कैप्टन अभिमन्यु और प्रेम लता (कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाले वीरेन्द्र सिंह की पत्नी) समेत कई विधायकों ने समर्थन किया। अभिमन्यु का नाम भी भाजपा के मुख्यमंत्री पद के आंकाक्षियों में लिया जा रहा था। शर्मा ने कहा कि वे सरकार बनाने का दावा करने के लिए राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से मिलेंगे। खट्टर के इस पद के लिए चुने जाने से हरियाणा में 18 साल बाद कोई गैर जाट नेता मुख्यमंत्री बनेगा।

इससे पहले गैर जाट समुदाय से मुख्यमंत्री बनने वाले अंतिम नेता भजन लाल थे जो 1991 से 1996 तक इस पद पर रहे। उनके बाद बंसीलाल, ओम प्रकाश चौटाला (दो बार) और भूपेन्द्र सिंह हुड्डा (दो बार) मुख्यमंत्री रहे। इस बार हरियाणा में विधानसभा चुनाव में भाजपा को 47, इनेलो को 19, कांग्रेस को 15, एचजेसी बीएल को दो और बीएसपी एवं अकाली दल को एक-एक सीट मिलीं। निर्दलीय के खाते में पांच सीट गईं।sssssss

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