विदेश मंत्री जाएंगी नेपाल
sushma swaraj
पड़ोसी देशों को प्राथमिकता प्रदान करने की नई सरकार की नीति के तहत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अगले महीने नेपाल जाएंगी। विदेश मंत्री बनने के बाद सुषमा हाल ही में बांग्लादेश के दौरे से लौटीं हैं। इससे पहले वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ भूटान गईं थी। अधिकारियों ने कहा कि सुषमा की यात्रा से नई सरकार की प्रतिबद्धता की स्पष्ट झलक मिलती है कि भारत की आर्थिक वृद्धि एवं विकास के लिए पड़ोसी देशों के साथ स्थाई और शांतिपूर्ण संबंध काफी महत्वपूर्ण हैं।
भारत के संबंध नेपाल के साथ हमेशा सहज नहीं रहे हैं और कई बार वह (नेपाल) बड़े भाई जैसे व्यवहार पर आपत्ति जता चुका है और द्विपक्षीय संबंधों के आयामों से निपटने के लिए 1950 की शांति और मित्रता संधि की समीक्षा करने की बात भी करता रहा है। विदेश मंत्री की यात्रा के दौरान सीमापार से आतंकवाद और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने और कारोबार बढ़ाने समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। सीमा खुले होने के कारण समन्वित आर्थिक मौका मिलने के कारण आर्थिक सहयोग द्विपक्षीय सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण स्तम्भ है जिसके तहत लोगों, उत्पादों और सेवाओं की वैध आवाजाही की अनुमति है। व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल ने पिछले छह महीने में 334.83 अरब रूपए के उत्पादों का आयात किया है जबकि उसका निर्यात 45.21 करोड़ रूपए है। नेपाल के व्यापार मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष के पहले छह महीने में नेपाल में सबसे बड़े विदेशी निवेशक के रूप में चीन ने भारत को पीछे छोड़ दिया है। सुषमा की यात्रा नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला की भारत यात्रा के करीब दो महीने बाद हो रही है जब कोइराला 26 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शपथग्रहण समारोह में हिस्सा लेने आए थे। इसी महीने विदेश मंत्री ने पड़ोसी देशों के शीर्ष राजनयिकों की बैठक की अध्यक्षता की थी।

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