नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने वकील प्रशांत भूषण की उस याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है जिसमें उन्होंने 10 वर्ष की पूर्ण वैधता के साथ अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण का निर्देश देने का आग्र्रह किया है। भूषण ने याचिका तब दायर की जब उनके खिलाफ लंबित मामले के मद्देनजर केवल एक वर्ष के लिए पासपोर्ट का नवीनीकरण किया गया। न्यायमूर्ति राजीव शंखधर ने भूषण की याचिका पर विदेश मंत्रालय और क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी को नोटिस जारी किए। कोयला घोटाले के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के संबंध में उनके खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज हैं। अदालत इस मामले में अब 16 मार्च को सुनवाई करेगा।  न्यायाधीश ने कहा, यह विडंबना है। यदि याचिकाकर्ता के पासपोर्ट में पर्याप्त पन्ने हों,तो उसे आपके (विदेश मंत्रालस और आरपीओ) पास आने की क्या जरूरत है ?

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