महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव नतीजे कांग्रेस की अंदरूनी सियासत के लिहाज से अहम होंगे। दोनों सूबों में कांग्रेस के खाते में अगर हार आई तो एक बार फिर शीर्ष नेतृत्व को लेकर सवाल उठना तय है।

महाराष्ट्र देश का बड़ा राज्य है यहां विधानसभा की 288 सीटें और लोकसभा की 48 सीटें हैं। इस सूबे में कांग्रेस की 15 सालों से सरकार है। इस राज्य से कांग्रेस की हार का मतलब होगा कांग्रेस ज्यादातर छोटे राज्यों में सिमट कर रह जाएगी। हरियाणा की हार भी कांग्रेस के लिए कम अखरने वाली नहीं होगी। हरियाणा में कांग्रेस दस साल से शासन में रही है। हालांकि वर्ष 2009 में कांग्रेस 2005 जैसी जीत बरकरार नहीं रख पाई थी। वर्ष 2009 में कांग्रेस की सरकार हजकां से नाता तोड़कर आए विधायकों की बदौलत बनी।index

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