मुलायम लगातार नौवीं बार चुने गये सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

नेता जी का कोई जवाब नहीं। सपा में उनके जोड़ का कोई नहीं।mul समाजवाद पर परिवारवाद भारी पड़ा। एक भाई ने नेताजी को फिर अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की तो सारे भाई भतीजों के चेहरे चमक उठे। अमर सिंह से दूरी मजबूरी में बनाई गई ताकि कुनबा न बिखरे। सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने बुधवार से शुरू हुए पार्टी के नौंवे राष्ट्रीय अधिवेशन में इस बात की घोषणा करते हुए बताया कि मुलायम को लगातार नौवीं बार सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंने कहा कि मुलायम अगले तीन साल तक पार्टी के अध्यक्ष रहेंगे। समाजवादी पार्टी का तीन दिनों का राष्ट्रीय अधिवेशन से लखनऊ में शुरू हो गया है। अधिवेशन में करीब 50 हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके लिए जनेश्वर मिश्र पार्क में जोरदार तैयारियां की गई हैं। बुधवार को मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र की प्रतिमा का अनावरण किया। उसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मुलायम सिंह के नाम पर मुहर लगी। मुलायम सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया। इस सम्मेलन के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। अखिलेश यादव ने उन आरोपों को खारिज किया हैए जिसमें कहा गया था कि आयोजन पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। गौरतलब है कि अधिवेशन से पहले पूरा लखनऊ मुलायम और अखिलेश के पोस्टरों से पट गया है।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि तीन दिवसीय अधिवेशन का समापन 10 अक्टूबर को होगा। पहले दिन राजनीतिक आर्थिक प्रस्ताव के माध्यम से पार्टी अपनी भावी राजनीति और रणनीति का संकेत देगी। इस लिहाज से यह अब तक का सबसे महत्वपूर्ण अधिवेशन होगा। 2012 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत से बनी समाजवादी सरकार की उपलब्धियों के साथ 2017 में आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी अधिवेशन में चर्चा होगी।
समाजवादी पार्टी ने अपने नौवें अधिवेशन के लिए विशालकाय वाटर प्रूफ पंडाल के नीचे 40ग60 फिट का भव्य मंच और भोजन के लिए 500ग100 फिट के पंडाल में इंतजाम किए गए हैं। इस मौके पर मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक सफर पर डॉक्यूमेंट्री बड़ी.बड़ी एलईडी की स्क्रीनों पर दिखाई जाएंगी। अधिवेशन में आए सभी लोगों को मंच के भाषण सुनाई दें इसके लिए 40,000 वॉट का साउंड सिस्टम लगा है। 24 बड़े स्पीकर और 93 छोटे स्पीकर जगह-जगह लगाए गए हैं। इसके साथ ही मोबाइल वैनों का भी प्रचार में इस्तेमाल होगा।
समाजवादी पार्टी के चार युवा संगठनों लोहिया वाहिनीए समाजवादी युवजन सभाए समाजवादी छात्रसभा और मुलायम सिंह यादव यूथ बिग्रेड के नौजवानों को अधिवेशन स्थल की व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने में सहयोग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सम्मेलन में एक दर्जन से ज्यादा प्रदेशों के पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
बुधवार को ही दोपहर तीन बजे राजनीतिक और आर्थिक प्रस्ताव पर चर्चा होगी। 9 अक्टूबर को भी प्रस्ताव पर चर्चा जारी रहेगी और शाम पांच बजे प्रस्ताव पारित करने की कार्यवाही होगी। राजनीतिक.आर्थिक प्रस्ताव को राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव अंतिम रूप दे रहे हैं। आखिरी दिन 10 अक्टूबर को 10 बजे से खुला अधिवेशन होगा। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के संबोधन के साथ दोपहर 12रू30 बजे सम्मेलन का समापन होगा।
सपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की बदलती सियासी तासीर में प्रदेश की सल्तनत बचाए रखने की है। युवाओं पर चढ़े नरेंद्र मोदी के रंग को हल्का करने के अलावा वोटों के बढ़ते धुव्रीकरण की काट तलाशना सबसे बड़ी चुनौती है। पिछड़ों और अति पिछड़ों को साधे रखने के साथ अगड़ों को जोड़े रखने की रणनीति पर चर्चा होगी। भाजपा के विकास के एजेंडे और नित नए अभियान चलाने से माहौल में आए बदलाव में समाजवादी दखल को बनाए रखने की राह भी तीन दिन के मंथन में तलाशी जाएगी।
सपा के अधिवेशन में जदयू के अध्यक्ष शरद यादव ने भी भाग लिया। सपा मुखिया मुलायम सिंह से उनके आवास पर शरद यादव की एक घंटे की मुलाकात में यह बात तय हो गई। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के भी अधिवेशन में आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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