कानपुर कांड की जांच के लिए गठित एसआईटी ने डेवलपमेंट अथॉरिटी से विकास दुबे, उसके परिवार और गैंग के सदस्यों के द्वारा खरीदे गए भवनों व भूखंडों के बारे में जानकारी मांगी है। एसआईटी ने ऐसे 50 से अधिक लोगों की सूची भी भेजी है। इसके साथ ही कानपुर नगर व कानपुर देहात समेत तीन जिलों के जिलाधिकारियों से उसके गैंग के लोगों के नाम ठेकों के संबंध में जानकारी मांगी है।

सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने कानपुर, लखनऊ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से विकास दुबे के अलावा उसके परिवार, करीबी रिश्तेदारों और गैंग के लगभग 40 सदस्यों के नाम खरीदे गए मकान, फ्लैट या भूखंडों के संबंध में जानकारी मांगी है। एसआईटी ने बाकायदा एक सूची बनाकर विकास प्राधिकरणों को भेजी है, जिसमें 50 से ज्यादा नाम हैं। इसी तरह विकास दुबे, उसके करीबियों और गैंग के सदस्यों के नाम पर होने वाली ठेकेदारी का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है। एसआईटी ने तीन जिलों के जिलाधिकारियों से इस बारे में जानकारी मांगी है।

सूत्रों के अनुसार पांच दिनों तक अपने कार्यालय में दो दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज करने के बाद एसआईटी को कई सूचनाएं मिली हैं। अब इन सभी सूचनाओं की तस्दीक कराई जा रही है। इसमें ठेकेदारी और जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले शामिल हैं। गैंग के सदस्यों को जारी शस्त्र लाइसेंस का ब्योरा एसआईटी को मिल चुका है। इनमें से कई शस्त्र लाइसेंस अब निरस्त किए जाने की प्रक्रिया में हैं।

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