babulal gaurन्यूज नेटवर्क 24 प्रतिनिधि
बाबूलाल गौर हमेशा बयानों के लिए ही चर्चित रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश को विकास की राह में आगे ले जाने के लिए जी जान से जुटे हैं वहीं उनके मंत्री उनके मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री बाबूलाल गौर का मानना है कि महिलाएं आधे कपड़े पहनती हैं इसलिए उन पर अत्याचार होता है। इसके लिए गौर का तर्क है कि तमिलनाडु में महिलाएं पूरे कपड़े पहनती हैं और सलीके से रहती हैंए इस वजह से वहां पर महिलाओं पर अन्य राज्यों की तुलना में कम अपराध होते हैं।
गौरतलब है कि गौर कुछ दिनों पहले तमिलनाडु की राजधानी चेन् नई की यात्रा पर गए थे। वहां से लौटने के बाद गुरूवार को उन्होंने यह बयान दिया। इस टिप्पणी के बाद राज्य के गृहमंत्री बाबूलाल गौर विवादों में फंस गए हैं। उनकी इस टिप्पणी पर विपक्षी दलों समेत महिला संगठनों ने तगडी नाराजगी जाहिर की है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस और महिला संगठनों ने गौर से माफी मांगने को की मांग की है। इस पर गौर ने पलट कर कहाए जो कहना था वह कह दिया।ष् गौर इससे पहले भी महिलाओं को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं।
निर्भया मामले में दुख जताते हुए गौर ने कहा था छोटे कपड़ों के कारण महिलाओं पर अत्याचार बढ रहे हैं। गौर ने कहा कि उन्होंने चेन्नई के पुलिस अधिकारियों से तमिलनाडु में अपराधों के पीछे के वजह पूछी। इस पर पुलिस अधिकारियों ने जवाब दिया कि तमिलनाडु में प्रति लाख जनसंख्या के हिसाब से पर्याप्त पुलिस स्टेशन हैं और महिलाएं तुलनात्मक रूप से ज्यादा आध्यात्मिक हैं। उनकी पार्टी के ही नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से कहा कि बाबूलाल गौर बुजुर्ग आदमी हैं।
वहीं गृह मंत्री बाबूलाल गौर के बयान पर कांग्रेस विधायकों ने तीखी प्रतिप्रत्या जताई है। कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने कहा कि गृह मंत्री गौर का बयान प्रदेश का दुर्भाग्य है। वह पहले भी उल्टे.सीधे बयान देते रहे हैं। गौर को चेन्नई का उदाहरण देने की बजाय प्रदेश की कानून.व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस विधायक डॉ गोविंद सिंह ने कहा कि गौर को मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।

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