पंचक प्रात: 11.13 बजे पर समाप्त। कालाष्टमी। श्रावण सोमवार व्रत। सूरय उत्तरायण। सूर्य उत्तर गोल। वर्षा ऋतु। प्रात: 7.30 बजे से प्रात: 9 बजे तक राहूकालम्।

13 जुलाई, सोमवार,

22 आषाढ़ (सौर) शक 1942, 29 आषाढ़ मास प्रविष्टे 2077, 21 जिल्काद सन् हिजरी 1441,श्रावण कृष्ण अष्टमी सायं 6.10 बजे तक उपरांत नवमी, रेवती नक्षत्र, प्रात: 11.14 बजे तक तदनंतर अश्विनी नक्षत्र, सुकर्मा योग रात्रि 10.47 बजे तक पश्चात् धृति योग, कौलव करण, चंद्रमा प्रात: 11.14 बजे तक मीन राशि में उपरांत मेष राशि में।

13 जुलाई 2020 को सावन का दूसरा सोमवार है। सावन के महीने में सोमवार का दिन विशेष माना जाता है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है इसलिए सावन के महीने में सोमवार का महत्व काफी बढ़ जाता है। सावन सोमवार के दिन शिव भक्त भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक और पूजा अर्चना करते हैं।  मान्यता है सावन के महीने में शिव आराधना करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं।

दूसरा सावन सोमवार पूजा विधि
भगवान भोलेनाथ जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं। इनकी पूजा बहुत ही आसान होती है। भोलेनाथ एक लोटा जल और एक पत्ती को अर्पित करने मात्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं। सावन सोमवार के दिन व्रती सुबह जल्दी उठें। इसके बाद शिव पूजन में प्रयोग की जानी वाली सामग्री को एकत्रकर घर के पास के शिव मंदिर में जाकर पूजा करें। सभी पूजन सामग्री को भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित करने के बाद शिवजी को प्रणाम करें। ध्यान रहे इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय शिव के मंत्रों का लगातार जाप करते रहें।

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