केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के पद पर वी दिनेश रेड्डी की नियुक्ति को रद्द कर दिया है।
मामले में याचिका दाखिल करने वाले आईपीएस अधिकारी गौतम कुमार के वकील जे सुधीर ने कहा कि रेड्डी की नियुक्ति को खारिज करते हुए कैट की हैदराबाद पीठ ने आंध्र प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को एक सप्ताह के अंदर सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की नई सूची भेजी जाए जिसके बाद राज्य सरकार नये डीजीपी की नियुक्ति कर सकती है।
उन्होंने कहा कि कैट ने तीन सप्ताह के भीतर नये डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया पूरा करने का निर्देश दिया है। रेड्डी को पिछले साल डीजीपी नियुक्त किये जाने के आंध्र प्रदेश सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और प्रधान सचिव (गृह) पी गौतम कुमार ने कैट में गुहार लगाई थी और यह दलील दी थी कि आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रदेश के डीजीपी की नियुक्ति में उनकी वरिष्ठता को दरकिनार किया।
याचिकाकर्ता का कहना है कि आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये आदेश का उल्लंघन किया जिसमें शीर्ष अदालत ने कहा था कि राज्य सरकार को डीजीपी के चयन के लिए तीन सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची यूपीएससी को भेजनी चाहिए।
कुमार ने अपनी याचिका में कहा था कि आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस बल के प्रमुख के तौर पर दिनेश रेडडी की नियुक्ति प्रकाश सिंह मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट कानून के खिलाफ है। रेड्डी की नियुक्ति को रद्द किया जाना चाहिए और कानून के मुताबिक नई नियुक्ति की जानी चाहिए।
1975 बैच के आईपीएस अधिकारी गौतम ने इससे पहले राज्य पुलिस प्रमुख के तौर पर क़े अरविंद राव की नियुक्ति को कैट के समक्ष चुनौती दी थी। पिछले साल मई में कैट ने गौतम के पक्ष में फैसला देते हुए राव की नियुक्ति को खारिज कर दिया था।
हालांकि राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में जाकर कैट के फैसले के खिलाफ स्थगनादेश हासिल कर लिया। जिसके चलते राव डीजीपी बने रहे और पिछले साल 30 जून को सेवानिवृत्त हो गये। उनके बाद दिनेश रेड्डी ने राज्य के पुलिस मुखिया की कमान संभाली।

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