मेरे संस्थान -केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान ने अपना 63 वां वार्षिकोत्सव मनाया। दिन भर वैज्ञानिक वैज्ञानिक व्याख्यानों के बाद शाम को सांस्कृतिक मंच सजा। अल्ट्रा मॉर्डर्न प्रेक्षागृह में और इन दो घंटों में पुरे संस्थान की थकावट उतर गयी और तरावट आ गयी। पहली बार कवि सम्मेलन भी हुआ. जिसमें डा. वजाहुल हक़ जी की अध्यक्षता और मेरे संचालन में जिन prasoon jiकवियों ने ग़दर मचाई वो थे-शाहनवाज़ खान ,जगदीश,गीतू पांडे,व शिखा मिश्रा। साहित्य रस में डूब गए थे सारे वैज्ञानिक।

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