अयोध्या में राम जन्मभूमि में विराजमान रामलला के मंदिर के निर्माण कार्य का शुभारंभ करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले अयोध्या ‘राममय’ हो गई है। हर तरफ पीले रंग से सजे घरों और मंदिरों के भवन अयोध्या में आस्था के नए सूर्योदय का संकेत दे रहे हैं।

धर्मनगरी की सड़कों और गलियों में रामचरित मानस की चौपाइयां गूंज रही हैं। विभिन्न आश्रमों और मंदिरों में संतों के साथ श्रद्धालु रामधुन का गायन कर भावविभोर हो रहे हैं। लग रहा है मानो दीवाली है या फिर होली पर्व जैसा उल्लास हर तरफ छाया हुआ है। सभी को बुधवार को प्रधानमंत्री के हाथों मंदिर निर्माण शुरू होने का इंतजार है।

सरयू तट पर भी अलग ही नजारा है। सुबह से ही नदी में स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु, संत और स्थानीय लोग मंदिर निर्माण शुरू होने की खुशी से लबरेज दिखे। घाटों पर पंडों के बीच सिर्फ मोदी के आने और मंदिर निर्माण के उल्लास से जुड़ी बातें होती रहीं। सरयू घाट पर तमाम पुजारी भी शुभ घड़ी के नजदीक आ जाने से प्रफुल्लित रहे। घाट पर स्नान के लिए आए संत रामभद्र दास ने कहा कि घाट पर पहुंचने के बाद महसूस हुआ कि राम मंदिर निर्माण शुरू होने की खुशी से सरयू नदी भी हिलोरे ले रही है।

रामजन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन समेत अन्य मंदिरों में मंगलवार को भी दर्शन-पूजन रोज की ही तरह चलता रहा लेकिन उल्लास का स्वरूप कुछ अलग था। मंदिरों के आसपास मौजूद मीडिया के कैमरे आम दर्शनार्थियों की भी उत्सुकता बढ़ा दे रहे थे। फूल-माला और प्रसाद की दुकानों पर विक्रेता व श्रद्धालुओं के बीच मंदिर निर्माण शुरू होने से जुड़े संवाद ही होते रहे।

हर तरफ सजावट
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए अयोध्या सज-संवर कर भी तैयार हो गई है। मोदी के गुजरने वाले रास्तों पर भी सजावट की गई है। दीवारों पर रामायण कालीन प्रसंगों की आकृति अलग ही शोभा बिखेर रही है। सड़कें साफ-सुथरी नजर आ रही हैं। सरयू तट के किनारे की सजावट सभी को आकर्षित कर रही है। राम की पैड़ी रंगोलियों से संवर गई है। बुधवार को दीपोत्सव मनाने के लिए दीपक भी राम की पैड़ी के घाटों पर सजा दिए गए हैं।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.