Indian nurses return home…राकी चरपमंथी संगठन आईएसआईएस द्वारा बंदी बनाई गई 46 भारतीय नर्सें शनिवार को एयर इंडिया के एक विशेष विमान से घर लौट आईं। देश लौटने पर नर्सें और इनके परिवार आपस में मिलकर बेहद खुश हुए। इस तरह एक माह के कटु अनुभव का अंत हो गया है। हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एक विशेष विमान अपने साथ 137 अन्य लोगों को भी लाया है। यह विमान कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुबह 11 बजकर 57 मिनट पर उतरा। बंधक बनाई गई नर्सों को मुक्त कराने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर समन्वित प्रयास करने वाले केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी हवाईअड्डे पर इन लोगों को लेने पहुंचे। इन नर्सों में केरल की नर्सों के अलावा दो नर्सें तमिलनाडु के तूतीकोरिन की भी हैं। हवाई अड्डे पर नर्सों के परिवारों के सदस्य अपने प्रियजनों को लौटते देखने के लिए बड़ी संख्या में मौजूद थे। इसके अलावा भाजपा और कांग्रेस के नेता भी वहां मौजूद थे। नर्सों के परिजनों के चेहरों पर राहत साफ देखी जा सकती थी। कोच्चि से उड़कर विमान हैदराबाद पहुंचा, जहां 78 लोग उतरे।
सद्दाम हुसैन के गृहनगर तिकरित स्थित अस्पताल में काम करने वाली नर्सों की परेशानियां उस समय से शुरू हो गई थीं, जब आईएसआईएस के आतंकियों ने 9 जून को हमले शुरू कर दिए थे। नर्सों की सुरक्षित रिहाई के लिए भारतीय अधिकारी इराक में अपने समकक्षों के लगातार संपर्क में बने रहे। इन नर्सों को गुरुवार को उनकी इच्छा के विपरीत वहां से आतंकियों के कब्जे वाले मोसुल शहर ले जाया गया। विदेश मंत्रालय द्वारा किए गए प्रयासों की मदद से बंधक बनाकर रखी गई नर्सें मुक्त हो गईं और उन्हें कल बसों में बैठाकर एबरिल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे भेज दिया गया। शनिवार तड़के एबरिल से चला विशेष विमान सुबह 8:43 बजे मुंबई पहुंच गया। मुंबई में विमान में ईंधन भरने और खानपान संबंधी वस्तुएं जुटाने के लिए थोडे समय के लिए रुका। नर्सों के अलावा इस विमान में 137 अन्य भारतीय नागरिक भी थे। इनमें उत्तरी इराक के किरकुक से 70, चालक दल के 23 सदस्य और तीन सरकारी अधिकारी भी शामिल थे। सरकारी अधिकारियों में एक संयुक्त सचिव स्तर के विदेश सेवा अधिकारी और एक केरल की आईएएस महिला अधिकारी भी थी।
चांडी ने युद्ध्रग्रस्त इराक से नर्सों की वापसी सुनिश्चित कराने के लिए केंद्र, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, इराक में भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय का धन्यवाद किया। चांडी ने संवाददाताओं को बताया, केंद्र ने केरल की गहरी चिंताओं को पूरी तरह समझते हुए काम किया है। नर्सों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास ने गंभीर प्रयास किए हैं। केरल सरकार ने नर्सों को राज्य में उनके घरों तक पहुंचाने के लिए इंतजाम किए हैं। चांडी ने कहा, पिछले कुछ दिनों में हमारे लिए काफी मुश्किल भरे हालात रहे हैं। तिकरित में मौजूद नर्सें मुझसे सीधा संपर्क कर रही थीं और उनके परिवार के लोग भी मुझसे संपर्क कर रहे थे। उन्होंने कहा, मैंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से आग्रह किया और भारतीय दूतावास से भी बात की। मैं सुषमा स्वराज और भारतीय राजदूत, विदेश मंत्रालय तथा दूतावास का बहुत आभारी हूं। इन सबने हमारी मदद की। केरल के मुख्यमंत्री ने कहा, पिछले दो दिनों में मैंने सुषमा से चार बार मुलाकात की और हमने हर चीज पर चर्चा की। मैं मंत्री के व्यवहार से बहुत खुश हूं। उन्होंने खुद दिलचस्पी ली।

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