हरियाणा सरकार ने विवादों में घिरे रोहतक के अपना घर शेल्टर होम में रहने वालों का यौन प्रताडऩा देने के आरोपों की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की। एक आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, हरियाणा पुलिस के एडीजीपी की अगुवाई में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम इस मामले की जांच कर रही है। अब निष्पक्ष जांच के लिए यह मामला सीबीआई के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि एसआईटी बनाने के ऐलान के तीन दिन बाद 9 जून को अपना घर सील कर दिया गया
बच्चों के यौन उत्पीडऩ के लिए चर्चा में रहे रोहतक के शेल्टर होम अपना घर में दरिंदगी की सारी हदें टूट गई थीं। यहां लड़कियों के साथ यौन शोषण होता था, उन्हें जबरदस्ती शराब पिलाई जाती थी और बड़े रसूखदार लोगों के सामने परोसा जा रहा था। जो छोटे बच्चे थे, उनके साथ भी बेहद घृणित अत्याचार किए गए। कुछ महिलाओं के बच्चों को जबरदस्ती अन्य लोगों को बेच दिया। छोटी-मोटी गलतियां होने पर भी लड़कियों को कई दिनों तक कपड़े नहीं पहनने दिए जाते थे और इस दौरान उनकी वीडियोग्राफी भी कराई जाती थी।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच कर रहे दो वकीलों- अनिल मल्होत्रा और सुदीप्ति शर्मा- की कमिटी ने कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। टीम ने राज्य के 12 शेल्टर होम में 101 पीडि़त बच्चों और लड़कियों से बात की है। इन सभी ने जांच टीम को बताया कि उनके साथ किस तरह का शारीरिक-मानसिक अत्याचार होता रहा है।
वकीलों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अपना घर में लड़कियों को टूथपाउडर के नाम पर दिया जाने वाला सफेद पाउडर नशीला पदार्थ था, जिसका इस्तेमाल लड़कियों के यौन उत्पीडऩ के लिए किया जा रहा था। लड़कियों के गर्भवती हो जाने पर उनका जबरन गर्भपात करा दिया जाता था। वहां 5 से 10 साल तक के बच्चों से जबरन ओरल सेक्स करवाया जा रहा था। बच्चों को नंगा करके योग भी करवाया जाता था। इतना ही नहीं शेल्टर होम की एक लडक़ी एचआईवी पॉजिटिव भी मिली है।
गौरतलब है कि नैशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स की टीम ने मई में अपना घर पर छापा मारा था और इस दौरान ही लडक़े-लड़कियों के साथ यौन उत्पीडऩ की बात सामने आई थी।
अपना घर एक एनजीओ द्वारा चलाया जा रहा था। इसे चलाने वाली जसवंती देवी नाम की महिला और उसके साथियों-रिश्तेदारों को अरेस्ट कर लिया गया था। शेल्टर होम से करीब 101 बच्चे रहते थे और एनसीपीसीआर के छापे के बाद उन्हें वहां से निकालकर हरियाणा के अलग-अलग अनाथ आश्रमों में भ

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.