Narendra-435चुनाव आयोग में प्रस्तुत मोदी के खर्च के आंकड़ों पर यकीन करें तो सचमुच अच्छे दिन आने वाले हैं। इतना सस्ता और कहां…चुनाव के समय पानी से चलने वाले उडऩखटोलों से धरती पर उतरते फिर आसमान पर तैरते तो कभी चैनलों पर एक दूसरे का चैन चुराते चीखते चिल्लाते नेताओं को देख जनता को खुद पर गुस्सा आ रहा है। जनता के खून पसीने की कमाई पर ऐश करने वाले नेताओं और चुनाव में हजारो करोड़ रुपए पानी की तरह बहाने वाले लोकतंत्र में फिर पांच साल के लिए आम आदमी के सपने गिरवी रखे जाएंगे। परदे के पीछे सौदेबाजी होगी। महंगाई और मोटी होगी। भ्रष्टïाचार हाईटेक होगा। हाईटेक भ्रष्टïाचार अपने पराऐ का भेद भी मिटा देगा। वाडरा और येदियुरप्पा व श्री रामलुलु ए.राजा के साथ मिल कर अच्छे दिन का जश्न मनाएंगे। कांग्रेस और केजरीवाल को गरियाने वाले मोदी भक्त रोजी रोटी के जुगाड़ में फेसबुक से विदा ले लेंगे। चिंटुओं और चिरकुटों के लिए रोजगार की सम्भावनाएं कुछ ज्यादा ही बढ़ेंगी। केजरीवाल और कांग्रेस कुछ दिनों के लिए अज्ञातवास में रहेंगे। दोनो से दिल्ली दूर होगी लेकिन बिहार पर कुछ महीनों बाद फिर रार होगी। अबू आजमी, ओबैसी और आजम खान की जुबान पर कैंची चलेगी। स्वामी और बाबा बेलगाम होंगे। आशा जगाने वाले बापू के भी अच्छे दिन जल्द आएंगे। देश के धनकुबेर अम्बानी फिर जनता का तेल निकालेंगे। हवा तो पहले ही निकाल चुके हैं। सत्ता के भूखे नंगे लोगो का प्रलाप और चीत्कार 16 को चमत्कार में बदल जाएगा..

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