पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पिछले 11 महीनों से प्रतियोगी क्रिकेट से बाहर हैं। उन्होंने पिछले साल आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में आखिर मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। यह वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल मैच था, जिसमें भारत को न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इस लंबे ब्रेक के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान के रूप में 2020 में आईपीएल में उन्हें वापस लौटना था, लेकिन यह लीग कोरोना वायरस की वजह से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। ऐसे में धोनी का भविष्य अधर में लटक गया और उनके संन्यास को लेकर एक बार फिर से बातें होने लगीं। धोनी के भविष्य को लेकर पूर्व क्रिकेटरों की अलग-अलग राय है। इस बीच आशीष नेहरा का कहना है कि अगर वह चयनकर्ता होते तो धोनी को अपनी टीम मे जरूर रखते।

महेंद्र सिंह धोनी के विश्व कप जीतने वाली टीम के पूर्व साथी खिलाड़ी आशीष नेहरा को लगता है कि अगर यह विकेटकीपर-बल्लेबाज खुद खेलना चाहता हैं, तो उन्हें टीम में होना चाहिए। उन्होंने कहा, ”अगर मैं राष्ट्रीय चयनकर्ता होता, तो एमएस धोनी मेरी टीम में होते लेकिन बड़ा सवाल यह है कि वह खेलना चाहते हैं या नहीं। आखिर में यह मायने रखता है कि धोनी क्या चाहते है।”

टीम इंडिया ने केएल राहुल और ऋषभ पंत जैसे विकेटकीपरों को उनक अनुपस्थिति में ट्राई किया गया है। केएल राहुल ने पिछले कुछ वक्त में बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों से ही इंप्रेस किया है। जहां तक खिलाड़ी के रूप में धोनी की वापसी का सवाल है तो कुछ पूर्व खिलाड़ी टी-20 वर्ल्ड कप में उन्हें वापस देखना चाहते हैं। कुछ का मानना है कि टीम प्रबंधन को अब धोनी से आगे जाना चाहिए। बहुत से पूर्व क्रिकेटरों ने धोनी पर अपनी राय दी है।

पूर्व चयनकर्ता एमएसके प्रसाद कहा कि अगर कोई टी-20 विश्व कप हो रहा है, तो संभवत: धोनी को बुलाया जा सकता है, लेकिन बाइलेटरल सीरीज को लेकर चयन समिति अलग तरीके से सोच सकती है। उन्होंने कहा, ”मुझे नहीं पता कि टी-20 विश्व कप हो रहा है या नहीं। अगर यह हो रहा है और आप शिविर को टूर्नामेंट पूर्व तैयारी के तौर पर देखेंगे ऐसे में धोनी को निश्चित रूप से होना चाहिए। अगर यह बाइलेटरल सीरीज के लिए है तो आपके पास पहले से ही केएल राहुल, ऋषभ पंत और संजू सैमसन हैं।” प्रसाद ने हालांकि कहा कि धोनी की मौजूदगी से शिविर में विकेटकीपरों को काफी फायदा होगा।

चयन मामलों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर धोनी को शिविर के लिए चुना जाता है तो यह बहुत ही आश्चर्यजनक होगा। उन्होंने कहा, ”वह एक साल तक नहीं खेले। आपको उनकी फिटनेस के बारे में पता नहीं है। वह केंद्रीय अनुबंध में नहीं है और पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ टी -20 के लिए भी उन्हें नहीं चुना गया था। इतने के बाद भी अगर उन्हें शिविर के लिए बुलाया जाता है, तो यह आश्चर्यजनक होगा।”

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