तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई सांसद दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की मांग करते हुए उनके कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. त्रिपुरा में पुलिस की कथित बर्बरता और पार्टी की पश्चिम बंगाल यूनिट की युवा शाखा की सचिव सायानी घोष की गिरफ्तारी को लेकर टीएमसी सांसदों ने अमित शाह से मिलने का समय मांगा था. मुलाकात का समय नहीं देने पर सांसद मंत्रालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए. सायानी घोष को हत्या के प्रयास के आरोप में त्रिपुरा पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था.
गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान TMC सांसद सुखेन्दु शेखर रॉय ने कहा, “त्रिपुरा की सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए. त्रिपुरा में गुंडा राज कायम किया गया है. गृह मंत्री से हम मिलना चाहते थे लेकिन उन्होंने हमें समय नहीं दिया है. हमारी TMC युवा नेता पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया.” टीएमसी प्रतिनिधिमंडल में सुखेन्दु शेखर रॉय, कल्याण बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन, सौगत रॉय, डोला सेन और अन्य शामिल हैं.
पार्टी 10-12 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल अमित शाह से मुलाकात करने के लिए रविवार को दिल्ली पहुंचा. पार्टी नेताओं ने सोमवार सुबह यहां बैठक की. सांसद सौगत रॉय ने कहा था कि वे सायानी घोष की गिरफ्तारी के खिलाफ धरना देंगे. वहीं टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट किया, “त्रिपुरा में गुजरात मॉडल. अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस इस तरह की फासीवादी क्रूरता को कभी स्वीकार नहीं करेगी. तृणमूल कांग्रेस के सांसद दिल्ली रवाना.”
बिप्लव देब की सभा को बाधित करने का आरोप
त्रिपुरा में 25 नवंबर को होने वाले नगर निकाय से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प देखने को मिली है. टीएमसी ने राज्य सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया है. टीएमसी ने राजनीतिक दलों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट के मार्गदर्शन का पालन नहीं करने को लेकर सरकार के खिलाफ अवमानना का मामला दायर किया है. जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी.

त्रिपुरा पुलिस ने सायानी घोष पर शनिवार रात को मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब की एक नुक्कड़ सभा के दौरान उन्हें धमकी देने का आरोप लगाया है. पुलिस ने बताया कि घोष ने बैठक स्थल पर पहुंचकर कथित तौर पर ‘खेला होबे’ के नारे लगाकर सभा को बाधित किया. घोष को हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.
13 नगर निकायों में होने हैं चुनाव
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) रमेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों के आरोप में सायानी घोष के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), धारा 153ए (दो समूहों के बीच वैमन्स्य को बढ़ावा देना) के तहत गिरफ्तार किया गया है. यादव ने कहा कि घोष और उनके साथ पहुंचे कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री की सभा के दौरान कथित तौर पर पथराव किया.

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