शशिकला के करीबी अन्नाद्रमुक के ई पलानीसामी ने गुरुवार को तमिलनाडु के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने उन्‍हें शपथ दिलवाई। पलानीसामी के साथ ही 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने भी चेन्नई स्थित राजभवन में शपथ ग्रहण की।

इससे पहले राज्‍यपाल ने उन्‍हें सरकार बनाने का न्योता दिया था। उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इससे पूर्व आज ही पलानीसामी राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे। पलानीसामी के अलावा चार अन्य विधायक भी गवर्नर से मिलने गए थे।

इससे पहले मंगलवार को इदापड्डी के पलानीस्वामी और उनके विरोधी ओ पन्‍नीरसेल्‍वम दोनों ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपने साथ अन्नाद्रमुक विधायकों का समर्थन होने की बात कही। अन्नाद्रमुक विधायक दल के नेता पलानीस्वामी ने मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उन्होंने बुधवार शाम फिर राज्यपाल से मुलाकात कर अपने खेमे में पार्टी के 134 में से 124 विधायकों के समर्थन की बात कही थी। तमिलनाडु विधानसभा में 234 विधायक हैं।

इसके साथ ही पन्‍नीरसेल्‍वम ने भी बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर ”बहुमत” का दावा किया और बहुमत साबित करने का मौका दिए जाने की मांग की। पन्‍नीरसेल्वम के खेमे का दावा है कि अन्नाद्रमुक विधायकों को उनकी मर्जी के खिलाफ चेन्नई के बाहरी इलाके में एक रिसॉर्ट में रखा गया।

पलानीसामी के साथ राजभवन पहुंचे मत्स्य पालन मंत्री डी जयाकुमार ने कहा कि उनके पास 124 विधायकों का समर्थन है। राज्यपाल के साथ बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”हमने राज्यपाल को पार्टी विधायक दल के नेता पलानीसामी का समर्थन कर रहे विधायकों की सूची सौंपी है। राज्यपाल ने कहा कि सूची पर विचार करेंगे और हमें विश्वास है कि लोकतंत्र की रक्षा होगी।” उन्होंने कहा, ”हमने राज्यपाल को बताया कि पलानीसामी के साथ अधिकतर विधायकों का समर्थन है और इसलिए उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए।”

हालांकि राव की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जिन्हें सोमवार को अटॉर्नी जनरल (एजी) मुकुल रोहतगी ने शक्ति परीक्षण के लिए एक सप्ताह के अंदर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की सलाह दी थी. उन्हें अब ये फैसला करना है कि किसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना है या फिर विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराना है.

राज्यपाल ने अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसले के चलते अपना निर्णय लंबित रखा था। मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया और शशिकला की दोष सिद्धि और सजा को बरकरार रखा। इसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें खत्म हो गई। इससे पहले तक वह इस पद की दावेदार थीं। कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पन्‍नीरसेल्‍वम को जहां 10 से अधिक सांसदों और कुछ विधायकों का समर्थन मिला वहीं शशिकला पार्टी के 134 में से अधिकतर विधायकों का समर्थन पाने में सफल रही थीं।

शशिकला ने बुधवार को बेंगलुरु में आत्‍मसमर्पण कर दिया और अब वह कर्नाटक की एक जेल में अपनी बची हुई तीन साल 10 महीने और 27 दिन की सजा काटेंगी। उससे पहले उन्होंने टीटीवी दिनकरन और एस वेंकटेश को पार्टी में शामिल किया। उन्हें पांच साल पहले अन्नाद्रमुक प्रमुख और तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। शशिकला ने अपने भतीजे और पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनकरन को अन्नाद्रमुक का उप महासचिव नियुक्त किया है।

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