maxresdefaultइग्लैंड वॉटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सबये पहले मोदी संसदीय क्षेत्र बनारस हल्दिया वॉटरवेज हाईवे में गंगा चैनेल पर काम शुरू हुआ है। इस अथॉरिटी के वाइस चेयरमैन प्रवीण पांडेय है। बनारस से फरक्का तक बनने वाले वॉटर हाईवे पर लगभग 1000 करोड खर्च होने का अनुमान है। बनारस से फरक्का तक वॉटरवेज हाईवे बनाने के लिए 45 मीटर चौड़ा चैनेल तैयार किया जायेगा।

गंगा चैनेल क्या है
गंगा चैनेल एक प्रकार का वॉटरवेज हाईवे का नाम हैं। जैसे राष्ट्रीय सडक हाईवे, रेलवे मार्ग और हवाई मार्ग से भारत में आयात-निर्यात किया जाता हैं ठिक उसी प्रकार से वॉटरवेज हाईवे के माध्यम मालवाहक जहाजों आया करेगी। इसमें एसी कंटेनर की भी सुविधा देगी।

एसी कंटेनर के फायदे
वाटरवेज हाईवे में चलने वाली पानी जहाजों में एसी कंटेनर भी उपलब्ध कराई जायेगी। जिससे फल, सब्जी, मिठाई और जल्द से जो खराब होने वाली समान भेजा जा सके।

तीन सेगमेंट
आईडब्ल्यूएआई ने बनारस से फरक्का तक ड्रेजींग के लिए तीन सेगमेंट में बनाए हैं।
1 फरक्का से भागलपुर
2 भागलपुर से पटना
3 पटना से बनारस
गंगा चैनेल के लिए चार कंपनियो ने किया क्वॉलिफाई
वॉटरवेज हाईवे पर गंगा चैनेल काम करने के लिए अणाडी इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्रेजिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया धरती ड्रेजिंग ने पी क्वॉलिफाई कर ली हैं। बनारस के बाद शहाबगंज, झारखंड में भी काम जल्द ही शुरू हाने वाला है।

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