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पटना। लालू यादव कुर्सी पर नहीं होते तब भी वह सुर्खियों में रहते हैं। अभी कुछ साल पहले लालू मुलायम सिंह यादव के समधी बने थे अब देश की राजनीति में एक नई रिश्तेदारी की बात सामने आ रही है। इस बात के संकेत दोनों की बीच हाल के दिनों में बढ़ी नजदीकियों से भी मिल रहे हैं। हालांकि दोनों ओर से अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि दोनों के बीच इसे लेकर कई बार बात हो चुकी है। इस बार लालू यादव के घर छठ पूजा भी नहीं हुई थी। उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने कहा था कि अब बहू घर आएगी तभी पूजा होगी। अभी से इसे लेकर कई तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं। अगर दोनों के बीच रिश्तेदारी होती है तो बिहार में सियासी उलटफेर भी हो सकता है। रामदेव बीजेपी के करीबी हैं, यूपी चुनाव के नतीजे बिहार में महागठबंधन की गांठ कमजोर कर सकती है। ऐसे में लालू चाहेंगे अपने छोटे बेटे को सीएम की कुर्सी पर बिठाएं। बिहार में भी लालू प्रसाद और नीतीश कुमार एक दूसरे के साथ सहज नहीं महसूस कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार बाबा रामदेव अपनी भतीजी की शादी लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव से करना चाहते हैं। बाबा रामदेव ने लालू प्रसाद यादव के दामाद को अपने उत्पाद के लिए बिहार का सीएनएफ भी नियुक्त कर दिया है।

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