GSLV-F05-1

मौसम का सही अनुमान लगाने वाले एडवांस सैटेलाइट इनसैट-3डीआर को भारतीय अंतरीक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने गुरुवार को सफलता पूर्वक लॉन्च कर दिया। तकनीकी गड़बड़ी के कारण GSLV-F05 का प्रक्षेपण निर्धारित समय से 40 मिनट के लिए टालना पड़ा। पहले यह प्रक्षेपण शाम 4 बजकर 10 मिनट पर होना था लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण इसे शाम 4 बजकर 50 मिनट पर लॉन्च किया गया।

क्या है GSLV-F05 की खासियत?
जियोसिन्क्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) इसरो द्वारा विकसित पूर्ण स्वदेशी प्रक्षेपण यान है। जीएसएलवी ऐसा मल्टी स्टेज रॉकेट है जो दो टन से अधिक वजनी उपग्रह को पृथ्वी से 36,000 कि.मी. की ऊंचाई पर भू-स्थिर कक्षा में स्थापित करता है। यह रॉकेट अपना कार्य तीन चरण में पूरा करते हैं। इसके तीसरे और अंतिम चरण में सबसे अधिक बल की आवश्यकता होती है। रॉकेट की यह आवश्यकता केवल क्रायोजेनिक इंजन ही पूरा कर सकते हैं। लिहाजा बिना क्रायोजेनिक इंजन के जीएसएलवी रॉकेट का निर्माण मुश्किल होता है। इसरो के लिए GSLV-F05 इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्रायोजेनिक अपर स्टेज को ले जाते हुए इसकी पहली संचालन उड़ान है।

इसमें बेहतरीन इमेजिंग सिस्टम और एटमॉस्फियर साउंडर लगाया गया है। वैसे तो मौसम की जानकारी के लिए तीन सैटेलाइट कल्पना-1, इनसेट-3ए और इनसेट-3डी पहले से ही जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में घूम रहे हैं और मौसम की सटीक जानकारी विभाग को दे रहे हैं, लेकिन इनसेट-3 डीआर इन तीनों सैटेलाइटों से कई मामलों में एडवांस है।

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