ISRO's PSLV C 23

नई दिल्ली। अगले गणतंत्र दिवस से करीब 10 दिन पहले भारतीयों के लिए गर्व भरा दिन होगा। कई बार भारतीयों को गौरवान्वित करने वाला इसरो नया कारनामा करने के करीब है। 15 जनवरी 2017 को इसरो एक साथ 82 सैटेलाइट लॉन्च करेगा।

इस लॉन्चिंग में 60 सैटेलाइट अमेरिकी, 20 यूरोप की और 2 ब्रिटेन की होंगी। मार्स मिशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एस. अरुणन ने ये जानकारी दी है। मुंबई में ब्रांड इंडिया समिट 2016 में अरुणन ने ये बात कही। अभी तक एक साथ सबसे ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च करने का रिकॉर्ड रूस के नाम है। रूस ने 19 जून 2014 को एक साथ 37 सैटेलाइट को लॉन्च किया था। जबकि इससे पहले अमेरिका ने 19 नवंबर 2013 को 29 सैटेलाइट लॉन्च किए थे।

भारत ने 22 जून 2016 को इसरो से 20 सैटेलाइट एक साथ लॉन्च किए थे। जनवरी 2017 में भारत सभी रिकॉर्ड्स को तोड़ने के करीब है। इससे पहले 24 सितंबर 2014 को इसरो ने पहली कोशिश में ही मंगल की ऑर्बिट में मार्स मंगलयान को भेजकर रिकॉर्ड बनाया था। ज्यादातर विदेशी सेटेलाइट नैनो सेटेलाइट हैं। सभी सेटेलाइट एक ही कक्षा में स्थापित किए जाएंगे।

कुल 1600 किलोग्राम वजन लेकर अंतरिक्ष में जाएगा
इस अभियान के लिए इसरो अपने सबसे भरोसेमंद रॉकेट पीएसएलवी (पोलर सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल) के एक्सएल संस्करण को इस्तेमाल करेगा। पीएसएलवी-एक्सएल कुल 1600 किलोग्राम वजन लेकर अंतरिक्ष में जाएगा। इसरो चांद पर दूसरा मिशन चंद्रयान-2 भी भेजने जा रहा है। अरुणन ने कहा कि दिसंबर 2018 तक चंद्रयान-2 चांद तक पहुंच जाएगा।

भारी उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए भारत विदेशों पर निर्भर है। अगर यह परीक्षण सफल होता है, तो जीएसएलवी एमके3 भारत के लिए वरदान साबित होगा।

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