समाजवादी पार्टी के झगड़े में चुनाव आयोग ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को बड़ा झटका देते हुए साइकिल चुनाव चिह्न अखिलेश खेमे को सौंप दिया है। आयोग के फैसले के बाद अब समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव की हो गई है। चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी और चुनाव चिह्न दोनों ही अखिलेश यादव के नाम कर दी है। यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी पर चल रही वर्चस्व की लड़ाई में अखिलेश खेमे को जीत मिली है।

इस बात की पूरा संभावना थी कि सोमवार को चुनाव आयोग यूपी के राजनीतिक परिवार की लड़ाई पर कोई बड़ा फैसला सुनाएगा। हालांकि मुलायम सिंह यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यह चुनाव आयोग पर है, लेकिन यह लड़ाई कोर्ट तक जाएगी। अब जबकि मुलायम चुनाव आयोग की ‘अदालत’ में अपने बेटे से ही मुकदमा हार चुके हैं तो इसकी भी संभावना है कि उनका खेमा कोर्ट का रुख करे।

मुलायम सिंह यादव को पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट से हटाए जाने के बाद पार्टी दो फाड़ हो गई थी। इसके बाद मुलायम-शिवपाल और अखिलेश-रामगोपाल खेमे ने पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग में दावा ठोंका था।

इसके साथ ही यह भी संभावना जताई जा रही है कि शीघ्र ही कांग्रेस के साथ अखिलेश चुनावी गठबंधन की घोषणा कर सकते हैं। अटकलें हैं कि अखिलेश की पत्नी और सपा सांसद डिंपल यादव तथा कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा साथ मिलकर चुनाव प्रचार कर सकती हैं।

चुनाव आयोग ने 9 जनवरी को दोनों पक्षों को पार्टी के चुनाव चिह्न के लिए बहुमत पेश किए जाने के लिए बुलाया था। अखिलेश के पक्ष में पार्टी विधायकों और पार्षदों का बड़ा समर्थन था। अखिलेश खेमे ने अपने पक्ष में 300 से अधिक विधायकों, पार्षदों और सांसदों के समर्थन वाला हलफनामा चुनाव आयोग को सौंपा था।

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