हरियाणा के मानेसर स्थित मारुति प्लांट में 2012 में हुई भीषण आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में आज की एक कोर्ट ने 31 को दोषी करार दिया है। वहीं एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने 117 को बरी कर दिया गया। बता दें कि इस उपद्रव के दौरान कंपनी के तब एमडी रहे अवनीश कुमार देव की जलने से मौत हो गई थी, वहीं कई घायल हो गए थे। इसके चलते 546 मजदूरों को बर्खास्त कर दिया गया था।

1 महीने तक ठप रहा था प्रोडक्शन
आईएमटी मानेसर स्थित मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के मजदूरों ने प्लांट में 18 जुलाई 2012 को उपद्रव मचाया था। इस दौरान प्लांट के एक सेक्शन में आग गई थी। इससे तब मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) रहे देव की जलने से मौत हो गई थी। घटना के बाद मैनेजमेंट ने 546 मजदूरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था, वहीं 148 लेबर्स के खिलाफ केस दर्ज किया था। करीब एक महीने तक प्लांट में प्रोडक्शन ठप रहा था।

400 पेज की चार्जशीट, 182 गवाह
घटना के 12 दिन बाद सभी 148 आरोपियों को चालान पकड़ा दिया गया था, जिनमें मुख्य आरोपी जियालाल समेत दर्जन भर यूनियन नेता शामिल थे। 546 बर्खास्त इम्प्लॉइज को काम पर वापस लेने और मारुति कांड की हाईलेवल जांच की मांग की गई। वहीं पुलिस ने अदालत में 400 पेज की चार्जशीट पेश की। केस में 182 गवाह बनाए गए थे, जिनमें 30 डॉक्टर, 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी और करीब मैनेजमेंट के 70 इम्प्लॉइज थे।

बिल्डिंग जल गई, लेकिन माचिस नहीं?
बचाव पक्ष की एक वकील ने यह साबित करने कोशिश की कि बिल्डिंग में आग मजदूरों ने नहीं, बल्कि किसी और ने लगाई थी। उनके मुताबिक, अगर मजदूरों ने आग लगाई होती तो माचिस भी जल जाती। इससे साफ है कि मजदूरों के खिलाफ हत्या का केस चले, इसके लिए माचिस लाकर बाद में रख दी गई। उन्होंने दलील दी कि मजदूरों के खिलाफ मारपीट का मामला बन सकता है, हत्या का नहीं। बचाव पक्ष के ही एक अन्य वकील राजेंद्र पाठक ने बताया कि मैनेजमेंट के जिस आदमी ने एक मजदूर के ऊपर आग लगाने का आरोप लगाया था वह उसे पहचान नहीं सका।

भूख हड़ताल पर रहे मजदूर
पिछले महीने दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद आरपी गोयल की अदालत ने 10 मार्च की डेट तय कर दी थी। फैसले पर मजदूरों की किस तरह नजर रखे रहे, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गुरुवार को मारुति सुजुकी के सभी प्लांटों के हजारों मजदूर भूख हड़ताल पर रहे। मानेसर के एसीपी धर्मबीर ने बताया कि इलाके में सिक्युरिटी को लेकर पुलिस तैयार हैं। किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना को अंजाम नहीं देने दिया जाएगा। सभी प्लांटों एवं आईएमटी के सार्वजनिक इलाकों पर पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। आपराधिक घटना को अंजाम देने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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