नई दिल्ली। बंनामी सम्पति पर आयकर विभाग ने अब काम करना शुरू कर दिया है। नए साल के पहले ही ऐसे लोगों के खिलाफ धर पकड़ तेज हो गई है जिन्होंने कालाधन खपाने और टैक्स बचाने के लिए बेनामी सम्पत्ति बनाई। नोटबंदी आर्थिक इमरजेंसी बताने वाली मायावती अब खुद सवालों के घेरे में आ गई हैं। आय कर विभाग ने उनके भाई आनंद कुमार के खिलाफ बेनामी संपत्ति के मामले में जांच शुरू कर दी है। आईटी विभाग को कई गुप्त जानकारियां मिली थीं कि आनंद कुमार के पास कई बेनामी संपत्तियां जमा किए हुए हैं।
बिल्डरों के साथ गठजोड़ में फंसे आनन्द
इस संबंध में नोएडा के कई बिल्डर्स को नोटिस भेजा गया है। आनंद ने बिल्डरों से गठजोड़ कर कई बेनामी संपत्तियां बनाई मायावती के भाई आनंद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने प्राइवेट बिल्डरों के साथ गठजोड़ से बेनामी संपत्तियां बनाई हैं। बिल्डरों के आनंद कुमार के साथ संबंध है और उन्होंने उनकी आवास परियोजनाओं में खूब काले धन निवेश किया है। आयकर विभाग ने इन बिल्डरों से जमीनों के संबंध में जानकारी मांगी है। गौरतलब है कि सोमवार को मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में ले लिया और अब यह मोदी लिए गले की फांस बन गया है। अपने चोर दरवाजे से बीजेपी ने पूंजीपतियों और धन्नासेठों का बहुत पैसा बहाया है।
प्रधानमंत्री ने बेनामी संपत्ति कानून को और धारदार बनाया
साल की आखिरी मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार पर बेनामी संपत्ति से जुड़े कानून को कई दशकों तक ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वर्तमान सरकार ने बेनामी संपत्ति कानून को धारदार बनाया है और आने वाले दिनों में यह कानून अपना काम करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको मालूम होगा हमारे देश में बेनामी संपत्ति का एक कानून है जो1988 में बना था लेकिन कभी भी न उसके नियम बनें और न ही उसको अधिसूचित नहीं किया ऐसे ही वो ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। हमने उसको निकाला है और बड़ा धारदार बेनामी संपत्ति का कानून हमने बनाया है और नए साल में यह असर दिखाएगा।

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