आसनसोल से बीजेपी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने बाद खुले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह राजनीति से संन्यास ले रहे थे, लेकिन कुछ ऐसा अवसर और चुनौती मिला है कि जिससे वह फिर राजनीति के साथ जुड़े हैं. यह चुनौतीपूर्ण अवसर है. प्यार और युद्ध में सभी जायज है. बाबुल सुप्रियो ने कहा कि चुनाव के पहले बाहरी लोगों को संगठन के शीर्ष पर बैठाकर स्थानीय बीजेपी समर्थकों को नजरदांज किया गया था और यह पाला-बदल कोई नया नहीं है. उन्होंने कहा कि वह बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे और एमपी पद से इस्तीफा देंगे.
बाबुल सुप्रियो कल टीएमसी में शामिल हो गये थे. उसके बाद लगातार बीजेपी नेता उनकी आलोचना कर रहे हैं. उसी के मद्देनजर बाबुल सुप्रियो ने सार्वजनिक रूप से बीजेपी की नीति पर सवाल उठाया है. बता दें कि इस बार अप्रैल-मई महीने में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में बाबुल सुप्रियो को बीजेपी टालीगंज से उम्मीदवार भी बनाया गया था, लेकिन वह हार गए थे. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल से बाबुल सुप्रियो को हटा दिया गया था जिसके बाद निराश होकर उन्होंने बीजेपी की सदस्यता छोड़ दी थी और सांसद पद छोड़ने की भी घोषणा की थी. हालांकि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक के बाद उन्होंने आश्वस्त किया था कि वह सांसद का पद नहीं छोड़ेंगे.

बाबुल सुप्रियो ने कहा कि कोई भी गाना और पोस्ट डिलीज नहीं करेंगे. सात साल से ग्रास रूट से लड़ाई किए हैं कि किसी को कुछ प्रमाणित करने का नहीं है. चार दिन पहले की घटना है. डेरेक ने उनसे मुलाकात की थी. मूलतः बहुत ही प्रेरक है. यह जानने के बावजूद यह बोल रहे हैं कि जन सेवा के लिए आए हैं. ममता बनर्जी देश की महत्वपूर्ण नेता हो गई हैं.  Everything is fair in love and War. मैं रिटायर्ड हर्ट के साथ जा रहा था, लेकिन नये अवसर मिले हैं. राजनीति में सात साल से जो लड़ाई की है. आपके राइवल होते हैं, लेकिन कोई शत्रु नहीं होता है. मैं कोई इतिहास नहीं बना रहा है. मैं एक अवसर और उत्तरादायित्व का पालन कर रहा हूं. मैं पब्लिक लाइफ अधूरा छोड़ कर जा रहा था. मेरे सामने चैलेंजिंग चीज रखी है और आप शीघ्र उस अवसर को जान पाएंगे.
ममता बनर्जी की प्रशंसा की, कहा- विरोधियों की हैं चेहरा
बाबुल सुप्रियो ने कहा कि लोकतंत्र में विरोधी दल का एक स्थान है और ममता बनर्जी विरोधी दल की एक चेहरा हैं और यह आप देख रहे हैं कि किस तरह से विरोधी दल के लोग उनके पास आ रहे हैं. बीजेपी उनकी आलोचना करेगी. यह स्वाभाविक है. वह काम करता रहूंगा और जो भी काम होगा. उसका जवाब सामने आ जाएगा. इसके पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने ट्वीट किया, “गुस्सा तो असली है पर मेरा भी था दादा यह उम्मीद की गई थी और अनुचित भी है, मैं इसे स्वीकार करता हूं, लेकिन इस बाबुल ने सार्वजनिक रूप से बीजेपी में ‘बाहरी लोगों’ को शामिल करने के खिलाफ क्या विरोध नहीं किया था? क्या तब बीजेपी ने अपनी छवि के लिए अच्छा किया था?कृपया उन्हीं समर्थकों से पूछें जिन्हें इन ‘बाहरी’ लोगों ने दरकिनार कर दिया था.” उन्होंने फिर ट्वीट किया, “क्या मैंने पाला बदल कर इतिहास रचा है?तो फिर बीजेपी में शामिल हुए सभी ‘प्रतिद्वंद्वियों’ को गले लगा लिया गया और शीर्ष पदों पर बैठा दिया गया, उन सभी ‘असली’ बीजेपी के समर्थकों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया, क्योंकि हो सकता है कि उन्होंने सभी की छवि खराब कर दी हो ( जैसा आपने कहा मैंने किया) बीजेपी की छवि खराब कर रहा है, सही है?

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