sonia_082312030406राहुल गाँधी के पार्टी अध्यक्ष बनने की संभावनाएं फिलहाल टल गई हैं. दिल्ली में कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक खत्म हो गई है और इस बैठक से अहम जानकारी ये सामने आई है कि अभी सोनिया गांधी ही पार्टी अध्यक्ष बनी रहेंगी. कांग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पार्टी के आंतरिक चुनाव के लिए एक साल का वक्त मांगा है. राहुल को कांग्रेस की कमान देने की बात बैठक में उठी थी लेकिन जानकार मान रहे है की सोनिया राहुल के लिए ऐसा जोखिम नहीं लेने चाहती। ये किसी से छिपा नहीं है की राहुल को आगे कर कांग्रेस पांच साल में 20
चुनाव हार चुकी है. यूपी चुनाव राहुल के लिए बेहद चुनौती पूर्ण होगा अगर यहाँ भी कांग्रेस असफल रहती है तो राहुल की आगे की राह बेहद कठिन हो जायेगी।
हालांकि बैठक में एके एंटनी ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष का पद संभालने के लिए राहुल गांधी के लिए उपयुक्त समय है. इस पर बैठक में शामिल अन्य सदस्यों ने सहमति जताई. कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्यों ने सर्वसम्मति से राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाने का समर्थन किया. बैठक में मौजूद राहुल ने कहा कि जो भी पार्टी और कमेटी फैसला करेगी, वो करने को तैयार हैं. एके एंटनी ने कहा कि यही वक्त है जब कांग्रेस को अपनी पूरी ताकत के साथ मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ लड़ना चाहिए.

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले कांग्रेस की वर्किंग कमिटी (कार्यकारिणी समिति) की मौजूदा राजनीतिक हालातों पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार सत्ता के नशे में चूर हो गई है. तबीयत खराब होने के चलते कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस बैठक में हिस्सा नहीं ले रही हैं. उनकी जगह राहुल गांधी ने बैठक की अध्यक्षता की.

वर्किंग कमिटी की इस बैठक में कांग्रेस मनमोहन सिंह, ऐके एंटनी, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, मलिका अर्जुन खड़गे, अंबिका सोनी, बीके हरिप्रसाद और ग़ुलाम नबी आज़ाद समेत लगभग 21 मेंबर हिस्सा लेंगे. इस बैठक में राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा.

कार्यकारिणी समिति के सदस्यों को भेजे गय एजेंडा के मुताबिक कमेटी मौजूदा सियासी हालातों पर प्रस्ताव पारित करेगी. मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस जो प्रस्ताव पारित करेगी उसमें सबसे अहम भारत-पाक सीमा पर तनाव, पाकिस्तान की नापाक कोशिशों और शहीद हुए जवानों के प्रति श्रद्धांजलि का जिक्र होगा. साथ ही मोदी सरकार की पाक को काबू में रखने कि नाकामी का खंडन भी किया जाएगा.इस बैठक में 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी चर्चा होने की संभावना है. कांग्रेस की कोशिश है कि वो कैसे लोकसभा चुनाव की करारी हार को पीछे छोड़ नई कहानी रचे. ऐसे में साम्प्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए चुनावों में जी जान से महनत करने पर चर्चा होगी.

 

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