पटना – पूरे भारत में प्याज की कीमतें उपभोक्ताओं की आंखों में आंसू ला रही हैं. कुछ खुदरा बाजारों में तो प्याज की कीमत 100 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है तो बिहार में स्टेट कोऑपरेटिव मार्केटिंग यूनियन लिमिटेड (बिस्कोमान) लोगों तक सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध करवा रहा है. राजधानी पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में काउंटर लगाकर प्याज बेची जा रही है. हालांकि इस दौरान बिस्कोमान के कर्मचारियों को लोगों के गुस्से समेत कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है. ऐसे में वो हेलमेट लगाकर प्याज की बिक्री कर रहे हैं.

दरअसल, बिहार के कई शहरों में बिहार स्टेट कोऑपरेटिव मार्केटिंग यूनियन लिमिटेड (बिस्कोमान) की ओर से मंगलवार से सस्ती दर पर प्याज की बिक्री शुरू की गई थी. लोगों को 35 रुपये प्रति किलो में प्याज उपलब्ध करवाई जा रही है. भोजपुर जिले के आरा में भी प्याज के लिए काउंटर लगाए गए. जब लोगों की इसकी सूचना मिली तो भारी भीड़ प्याज खरीद के लिए पहुंची. इस दौरान प्याज खरीदने को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए. इसके बाद वहां पत्थरबाजी शुरू हो गई.

वहां पर प्याज के लूट की स्थिति बन गई. घटना में बिस्कोमान के कर्मचारियों को भी चोटें आईं. ऐसे में कर्मचारियों को प्याज से लदी गाड़ी लेकर भागना पड़ा. जिसके बाद अब बिस्कोमान का स्टाफ हेलमेट पहनकर काउंटर लगा रहा है और प्याज बेच रहा है. राजधानी पटना और आरा में शनिवार को भी प्याज बिक्री के लिए काउंटर लगाए गए हैं. एक अधिकारी रोहित कुमार ने कहा कि पथराव और भगदड़ की घटनाएं हुई हैं, इसलिए यह हमारा एकमात्र विकल्प था. उन्होंने कहा कि हमें कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है.

गौरतलब है कि जब भी प्याज के दाम बढ़ते हैं, लगभग हर भारतीय घर प्रभावित हो जाता है. आजकल प्याज की कीमत लगभग 70-80 रुपये प्रति किलो है, जिसके बाद आम जनता का सब्जियों का बजट बिगड़ा हुआ है. हालांकि कई लोग कीमती प्याज को गोभी और मूली जैसे अन्य सस्ते विकल्पों के साथ बदलने की कोशिश कर रहे हैं. प्याज की महंगाई को लेकर राजनीतिक वातावरण भी गर्म हो चुका है.

रिपोर्ट – न्यूज नेटवर्क 24

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