लखनऊ – उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कैबिनेटकी बैठक में आज उत्तर प्रदेश के नोएडा और लखनऊ में पुलिस कमिश्नर प्रणाली  लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है. राजधानी लखनऊ और नोएडा में क्राइम कंट्रोल के लिए योगी सरकार ने पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू कर दिया है. इस मामले में पुलिस को बहुत से अधिकार मिल गए हैं. कमिश्नर सिस्टम लागू होने के साथ ही अब इन जिलों में एसपी रैंक का अफसर सबसे बड़ा अफसर नहीं होगा.

अगर कमिश्नर सिस्टम की बात कानून की भाषा में की जाए तो CRPC की मजिस्ट्रियल पावर वाली कार्यवाही अब तक जिला प्रशासन के अफसरों के पास थी. वह अब पुलिस कमिश्नर को मिल जाएगी. CRPC की धारा 107-16, 144, 109, 110, 145 का क्रियान्वयन पुलिस कमिश्नर कर सकेंगे.

होटल के लाइसेंस, बार लाइसेंस, हाथियार का लाइसेंस भी पुलिस ही दे सकेगी. धरना प्रदर्शन की अनुमति देना और न देना भी पुलिस के हाथों में आ जाएगा.दंगे के दौरान लाठीचार्ज होना चाहिए या नहीं, अगर बल प्रयोग हो रहा है तो कितना बल प्रयोग किया जाएगा इसका निर्णय भी पुलिस ही करेगी.

जमीन संबंधी विवादों के निस्तारण में भी पुलिस को अधिकार मिलेगा. पुलिस कमिश्नर सीधे लेखपाल को पैमाइश का आदेश दे सकता है. माना जा रहा है कि इससे जमीन से संबंधित विवाद का निस्तारण जल्दी होगा. कमिश्नर प्रणाली से शहरी इलाकों में भी अतिक्रमण पर अंकुश लगेगा. अतिक्रमण अभियान चलाने का आदेश सीधे तौर पर कमिश्नर दे सकता है और नगर निगम को इस पर अमल करना होगा.

रिपोर्ट – न्यूज नेटवर्क 24

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