चंडीगढ़ : निकिता तोमर हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने दोनों दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है. 24 मार्च को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज सरताज बासवाना ने तौसिफ और रेहान को दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. वहीं अजरुद्दीन को कोर्ट ने बरी कर दिया था. दोषियों को सजा का एलान आज किया जाना था.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की फास्ट ट्रैक अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने दोनों दोषियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें नीमका जेल भेज दिया. दोनों को निकिता की हत्या व हत्या की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया था.
अभियोजक पक्ष के वकील एदल सिंह रावत ने बताया कि तौसीफ और रेहान को हत्या, साजिश रचने व विवाह के लिए अपहरण की कोशिश करने का दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. उन्होंने कहा कि तौसीफ को अवैध हथियार रखने का भी दोषी ठहराया गया है. रावत ने कहा कि इन धाराओं के तहत अधिकतम फांसी की सजा का प्रावधान है और वह इसके लिए अपील करेंगे.
अदालत ने इस बेहद चर्चित मामले का पांच महीने के अंदर निपटारा किया है. मामले में अभियोजन पक्ष ने फॉरेंसिक एवं अन्य सबूतों के साथ 57 गवाहों को भी पेश किया.
ये है पूरा मामला
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हापुड़ की रहने वाली निकिता तोमर फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में परिवार के साथ रह रही थी. वो अग्रवाल कॉलेज में बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा थी. 26 अक्टूबर 2020 की शाम करीब पौने 4 बजे जब वो परीक्षा देकर कॉलेज के बाहर निकली तो तौसीफ ने अपने दोस्त रेहान के साथ मिलकर कार में उसे अगवा करने की कोशिश की.
निकिता हत्याकांड में सजा सुनाने वाले न्यायाधीश का तबादला
जब निकिता ने विरोध किया तो, तौसीफ ने उसको गोली मार दी, जिससे निकिता की मौत हो गई थी. ये वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान करके तौसीफ और रेहान को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. तीसरे आरोपी अजरुद्दीन ने तौसीफ को हथियार उपलब्ध कराया था.

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