जम्मू कश्मीर में लागू किए गए नए भूमि कानून के खिलाफ घाटी में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) द्वारा निकाले जा रहे विरोध मार्च को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। मार्च में शामिल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के पूर्व एमएलसी खुर्शीद आलम सहित कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लेते हुए पीडीपी के श्रीनगर स्थित मुख्यालय को सील कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा कि श्रीनगर में पीडीपी कार्यालय जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया और कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए गिरफ्तार किया। जम्मू में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, इसलिए इसे यहां क्यों विफल कर दिया गया? क्या यही ‘सामान्यता’ की आपकी परिभाषा दुनिया को दिखा रहे  हैं?

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘पीडीपी के पारा वाहिद, खुर्शीद आलम, राउफ भट्ट, मोहसिन कय्यूम, ताहिर सईद, यासीन भट्ट और हामिद कोहसिन को  जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जम्मू और कश्मीर के लोगों पर थोपे गए उपनिवेशवादी औपनिवेशिक भूमि कानूनों का विरोध करने के लिए गिरफ्तार किया गया।
हम अपनी आवाज को सामूहिक रूप से उठाना जारी रखेंगे और जनसांख्यिकी को बदलने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। एक सरकार किसी भी प्रकार के असंतोष पर अंकुश लगाने के लिए बेताब है और अपने ही लोगों को कुचलने के लिए तैयार है, लेकिन LAC में चीन से लड़ने की बात आते ही सभी बहादुरी गायब हो जाती है।

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