walkingजीवन को अगर जीना है तो चलना ही पड़ेगा।जी हां फिट रहने के लिए दौडऩा सबसे कारगर उपाय है। पैदल चलने से न सिर्फ वजन नियंत्रित रहता है बल्कि उम्र का असर भी देर से दिखाई पड़ता है। आज की आारामतलब जिन्दगी में लोगों के पास व्यायाम के लिए समय नहीं है। लेकिन दौडऩे या पैदल चलने से मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और शरीर भी फिट रहता है।
तनावमुक्ति का साधन -तनाव को हम आधुनिक जीवनशैली से अलग नहीं कर सकते। शायद आपने पहले भी तनावमुक्ति के कई साधन अपनाये हों। इस बार प्रतिदिन कुछ देर तक दौड़ कर देखें। दौडऩा मानसिक रूप से आपको काफी राहत पहुंचाने का काम करता है।
स्वस्थ त्वचा चाहिए- दौडऩे से रक्त संचार ठीक चलता है और झुर्रियां देर से पड़ती हैं। वर्क आउट से तनाव भी कम होता है और त्वचा में चमक आती है।
दिल बनाये मजबूत- दौडऩे से शरीर में रक्त प्रवाह सुधरता है और हमारे दिल को सेहतमंद बनाने में मद्ïद करता है। इसके साथ ही रक्तचाप भी कम होता है जिससे ह्रदय सम्बन्धित रोगों का खतरा कम होता है।
हाजमा सुधारे- सुबह उठते ही थकान होना और ऊर्जा की कमी महसूस करना। इसके लिए भी दौडऩा जरूरी है। दौडऩे से कैलोरी बर्न होती है और भूख बढ़ती है।
प्रतिरोधी क्षमता -प्रतिदिन दौडऩे वालों को खांसी, एलर्जी, जुकाम जैसी सामान्य बीमारियां कम होती हैं। दौड़ लगाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

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