विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग और प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट से मुलाकात की है. इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने सहित आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई. जयशंकर पांच दिवसीय यात्रा पर इजरायल में हैं. विदेश मंत्री के रूप में यह उनकी पहली इजरायल यात्रा है. वह इजरायल के विदेश मंत्री यायर लैपिड के निमंत्रण पर यहां आए हैं. यह बैठक बेत हानासी में हुई, जो इजरायली राष्ट्रपति का अधिकारिक आवास है.
राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रपति हर्जोग ने इजरायल के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करने और उसे मजबूती प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर और दूसरे मंत्रियों की प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया. राजनयिक कामकाजी बैठक के दौरान हर्जोग ने विविध क्षेत्रों में आगे बढ़ते इजरायल-भारत संबंधों की सराहना की. बयान के अनुसार, भारत और इजरायल के राजनयिक संबंध स्थापित होने के अगले वर्ष 30वीं वर्षगांठ से पहले राष्ट्रपति हर्जोग ने इस महत्वपूर्ण संबंध को प्रगाढ़ करने और मजबूती प्रदान करने में सहयोग करने के प्रति अपने व्यक्तिगत इरादे पर जोर दिया.
इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति हर्जोग और जयशंकर ने वैश्विक सामरिक मामलों पर चर्चा की है. जयशंकर ने कहा कि राष्ट्रपति हर्जोग से उनकी मुलाकात ‘बड़े सम्मान’ की बात है (S Jaishankar Isreal Visit). विदेश मंत्री जयशंकर ने बेत हानासी में आगंतुक पुस्तिका में लिखा, ‘जब हम अपने संबंधों को उन्नत बनाने की 30वीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में मैं भारत के लोगों और सरकार की शुभकामनाएं लाया हूं.’ मंगलवार को, विदेश मंत्री जयशंकर ने इजरायल की संसद नेसेट के स्पीकर मिकी लेवी से भी मुलाकात की थी.
स्पीकर माइके लेवी से भी मिले जयशंकर
जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘इजरायल के नेसेट के स्पीकर माइके लेवी से आज सुबह मुलाकात की.’ उन्होंने कहा था, ‘विदेश मामलों और रक्षा समिति के अध्यक्ष राम बेन बराक से व्यापक चर्चा की.’ विदेश मंत्री ने कहा कि वह भारत के साथ संबंधों को नेसेट में व्यापक समर्थन की सराहना करते हैं (India Israel Bilateral Relations). वे आधुनिक पशुधन प्रबंधन प्रौद्योगिकी देखने किबुत्ज बेरॉत यित्जाक भी गए. सोमवार को जयशंकर ने इजरायल के विदेश मंत्री यायर लैपिड के साथ ‘सार्थक’ चर्चा की थी और दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता शुरू करने पर सहमति व्यक्त की थी, जिसका मकसद अगले साल जून तक इस समझौते को पूरा करना है, जो काफी समय से लंबित है.

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