प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी जयंती के मौके पर जल जीवन मिशन पर ग्राम पंचायतों और पानी समितियों/ग्राम जल और स्वच्छता समितियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की. प्रधानमंत्री मोदी ने ग्राम पंचायतों और पानी समितियों से वर्चुअली संवाद कर उन्हें पानी के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया. पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, मणिपुर और गुजरात पांच राज्यों में जल जीवन मिशन के लाभार्थियों के साथ बातचीत की .पीएम मोदी ने इस दौरान जल जीवन मिशन के फायदे बताए और लोगों से ये जानने की कोशिश की, कि जल जीवन मिशन से उन्हें किस तरह से फायदा मिला.
पीएम मोदी ने इस दौरान देश को संबोधित करते हुए कहा कि आज दो अक्टूबर को हम देश के दो सपूतों को याद कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन दो महापुरुषों के मन में लोगों के काम ही बसे हुए थे. पीएम मोदी ने कहा जल जीवन मिशन का उद्देश्य सिर्फ लोगों तक पानी पहुंचाना ही नहीं है, बल्कि ये लोगों को जोड़ने का आंदोलन है. उन्होंने ये भी कहा कि ये जन भागीदारी से जुड़ा हुआ है. पीएम मोदी ने कहा कि जलजीवन मिशन को ज्यादा सशक्त और पारदर्शी बनाने के लिए ऐप लॉन्च किया गया है, जिससे इस मिशन से जुड़ी समस्त जानकारी मिलेगी.
कई गांव खुले में शौच से हुए मुक्त
पीएम मोदी ने कहा कि इस साल बापू की जयंती आजादी के अमृत महोत्सव के कालखंड में साथ-साथ मना रहे हैं. आज देश के शहर और गांव खुले में शौच से मुक्त घोषित कर चुके हैं. आज 40 हजार ग्राम पंचायतों ने सिंगल यूज प्लास्टिक को भी बंद करने का फैसला किया गया है. लंबे समय तक उपेक्षा की शिकार रही खादी और हैंडीक्राफ्ट की बिक्री भी कई गुना हो रही है. इन्हीं सभी प्रयासों के साथ भारत आत्मनिर्भर बनने की ओर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि ग्राम स्वराज का विजन आगे बढ़े.
पूर्वोत्तर हो या बुंदेलखंड सब जगह पहुंचेगा पानी
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि चाहे पूर्वोत्तर हो या बुंदेलखंड देश का कोई भी हिस्सा पीने की पानी की समस्या का सामना नहीं करेगा. पीएम मोदी ने ये भी कहा कि वो हर रोज इस काम में लगे हैं, जिससे देश की माताओं और बहनों को पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़े. पीएम मोदी ने कहा कि पानी का मूल्य वही जानता है, जो पानी के अभाव में रहता है. उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हमें पानी बचाने के लिए प्रयास करना चाहिए.
हमें अपनी आदतें बदलनी होंगी
पीएम मोदी ने कहा कि हमें आदतें बदलनी होंगी. कई जगह नलों से पानी बहते हुए देखा है. कई जगह लोग पानी के नल के नीचे बाल्टी को उल्टा करके रख देते हैं. इस तरह की बर्बादी को रोका जाना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि अटल भूजल योजना के तहत पानी के जलस्तर को ऊपर उठाने का काम किया जा रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि हमारा उद्देश्य सही पोषण के साथ साफ पानी पहुंचाना है. सही पोषण के लिए भी केंद्र सरकार 54 हजार करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है.
एक छोटा सा कुआं प्यास बुझा सकता है
पीएम मोदी ने कहा कि पानी का एक छोटा सा कुआं लोगों की प्यास बुझा सकता है, लेकिन इतना बड़ा समंदर ऐसा नहीं कर पाता है. किसी का एक छोटा सा प्रयास बहुत बड़ा काम कर देता है. पानी समितियों के लिए भी ये बात सही साबित होती है. ये पानी समितियां गरीबों, दलितों, वंचितों और आदिवासियों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव ला रही हैं. जिन लोगों को आजादी के सात दशकों तक नल से जल नहीं मिल पाया था. एक छोटे से जल ने उनकी दुनिया ही बदल दी है. पानी की समितियों को महिलाएं कुशलता से चला रही हैं. विशेष तौर पर पानी की जांच के लिए ट्रेनिंग भी ले रही हैं. महिलाओँं का सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है. पीएम मोदी ने कहा कि हमने दुनिया को दिखाया है कि हम मिलकर किसी भी कठिनाई का सामना कर सकते हैं. हम सभी को मिलकर जल जीवन मिशन को सफल बनाना है.
मोबाइल ऐप भी पीएम मोदी ने किया लॉन्च
पीएम मोदी ने आज जल जीवन मिशन के मोबाइल ऐप और राष्ट्रीय जल जीवन कोष को लॉन्च किया. राष्ट्रीय जल जीवन कोष के तहत ग्रामीण इलाकों में घरों, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर जल आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी और नल लगवाए जाएंगे. इस कोष में कोई भी व्यक्ति, संस्थान, कंपनी व NGO दान कर सकता है.
हर घर को स्वच्छ पानी पहुंचाने का लक्ष्य
15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री ने जलजीवन मिशन की घोषणा की थी. इसके तहत हर घर को नल का स्वच्छ पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया. इसकी शुरुआत के समय, देश के केवल 17% (323.23 करोड़) ग्रामीण घरों में नल के पानी की आपूर्ति थी. बीते दो सालों से कोरोना महामारी के प्रकोप के बावजूद 5 करोड़ से अधिक घरों तक नल का पानी की सुविधा पहुंचाई गई. जल जीवन मिशन को राज्यों के साथ पार्टनरशिप में लागू किया गया है. इस मिशन पर लगभग 3.60 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा. पीएमओ के बयान के मुताबिक, अब तक लगभग 8.26 करोड़ (43%) ग्रामीण परिवारों के घरों में नल के पानी की आपूर्ति है. 78 जिलों, 58 हजार ग्राम पंचायतों और 1.16 लाख गांवों के हर ग्रामीण परिवार को नल का पानी मिल रहा है. अब तक 772,000 स्कूलों और 748,000 आंगनवाड़ी केंद्रों में नल से पानी की आपूर्ति की गई है.

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