सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुनवाई की है. इस दौरान सीजेआई एनवी रमणा ने गवाहों और पुलिस कस्टडी से जुड़े कुछ अहम सवाल पूछे. कोर्ट में सरकार की तरफ से वकील हरीश साल्वे पेश हुए थे. उन्होंने कहा कि हमने हलफनामा दाखिल किया है. इसमें 68 में से 30 गवाहों के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कर लिए गए हैं. इसमें 23 चश्मदीद गवाह भी हैं. साल्वे ने कहा कि डिजिटल मीडिया पर मौजूद वीडियो के जरिए आगे की जांच की जा रही है. ये पता लगाया जा रहा है कि घटना में और कौन लोग शामिल थे. इस संबंध में साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं.
इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सब क्षेत्रीय लोग ही इस मामले में शामिल रहे होंगे, तो ऐसे में उन्हें चिन्हित किए जाने में खासी मुश्किल नहीं होनी चाहिए. तभी साल्वे ने कहा कि जो लोग बाहर थे, उनके इतर कार के भीतर मौजूद लोगों की भी पहचान की जा रही है. सीजेआई ने कहा कि हरेक पहलू और संभावना को तलाशिए. जब आपके पास 23 चश्मदीद हैं, तो आगे कदम बढ़ाइए. साल्वे ने कहा कि मैं इस मामले से संबंधित साक्ष्य सील कवर में दाखिल करना चाहूंगा.
गवाहों को दी जा रही सुरक्षा
सीजेआई एनवी रमणा ने कहा कि मामले में आगे कोई सवाल नहीं उठना चाहिए. यह बहुत ही गंभीर मामला है. उन्होंने कहा कि मौके पर 100 से ज्यादा किसान मौजूद थे, ऐसे में सिर्फ 23 चश्मदीद ही सामने आए. सीजेआई ने पूछा क्या कोई गवाह ऐसा भी है, जो चोटिल हुआ हो. इसपर साल्वे ने कहा कि मुझे इस बारे में पता करना होगा (Lakhimpur Case Update). फिर सीजेआई ने कहा कि गवाहों कि सुरक्षा जरूरी है. क्या हम आदेश जारी करें. साल्वे ने कहा कि उन्हें सुरक्षा दी जा रही है. जिला जज ने गवाहों कि सुरक्षा का आदेश पहले ही दे दिया था.
रमन कश्यप की रिपोर्ट तलब की गई
सीजेआई ने यूपी कि दूसरी स्थिति रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया और मामले में आगे राज्य सरकार को जानकारी देने का निर्देश दिया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गवाहों को समुचित रूप से सुरक्षा दी जानी चाहिए. मृतक रमन कश्यप की मौत पर भी यूपी सरकार से रिपोर्ट तलब की गई है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 नवंबर को की जाएगी.

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