केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज आंध्र प्रदेश के वेंकटचलम में स्वर्ण भारत ट्रस्ट की 20वीं वर्षगांठ समारोह को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि ज्यादातर दल जो सत्ता में होते हैं उनकी सिफारिश से पद्म पुरस्कार मिलते हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से जिन्होंने जमीनी स्तर पर कार्य किया उन्हें यह सम्मान दिया.
अमित शाह ने कहा, ‘पद्म पुरस्कारों को मैंने पहले भी देखा है और आज भी देखा है. मैंने पद्म पुरस्कारों (Padma Awards) की पुरानी प्रक्रिया का रिकॉर्ड भी देखा है. ज्यादातर जो दल सत्ता में होते थें, उनके प्रभाव क्षेत्र के लोगों को पद्म पुरस्कार मिलते थे. पहले सिफारिश के बगैर पद्म पुरस्कारों की कल्पना भी नहीं हो सकती थी.
वहीं, उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू की सराहना करते हुए शाह ने कहा, ‘एक गरीब किसान परिवार में जन्म लेकर भारत का उपराष्ट्रपति बनना, बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना, अनेक विभागों का मंत्री बनना और हर जगह योगदान देना ये किसी भी व्यक्ति लिए बहुत बड़ी बात है. वेंकैया जी को जो भी भूमिका मिली, उन्होंने उसे एक डिसिप्लिन तरीके से निभाया.’ अमित शाह ने कहा, ‘नायडू जी ने जीवन भर वंशवाद के खिलाफ काम करके भारत के लोकतंत्र को स्वस्थ रखने की दिशा में कई प्रयास किए हैं.

‘BJP के वरिष्ठतम नेताओं में से एक वेंकैया नायडू’
शाह ने आगे कहा, ‘कई उतार चढ़ाव से पार्टी को आगे बढ़ाना पड़ता है. अनुशासन के साथ वेंकैया जी ने पार्टी को आगे बढ़ाने का काम किया है. इस यात्रा में वेंकैया जी को जो भूमिका मिली उन्होंने अनुशासन के साथ काम किया. किसानों के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं, यह वेंकैया नायडू जी के चेहरे पर साफ देखा जा सकता है. किसानों के प्रति जो छटपटाहट है, वह वेंकैया नायडू जी के चेहरे पर दिखती हैं.’ केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘वह आज भारत के उपराष्ट्रपति हैं और उन्होंने अपने अनुशासन पूर्ण व्यवहार के कारण अपने आप को सारी राजनीतिक गतिविधियों से दूर कर लिया है. मैं तो बीजेपी का कार्यकर्ता हूं, मगर वेंकैया जी BJP के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं.

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