स्विटजरलैंड ने कोवैक्सीन को मान्यता दे दी है और ब्रिटेन के भी जल्द ही ऐसा करने की संभावना है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की कोवैक्सीन के लिए आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा में वृद्धि होगी. विमानन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभिन्न देशों के साथ एयर बबल समझौतों के तहत उड़ानों के लिए हम मांग के आधार पर क्षमता बढ़ा रहे हैं.
एयरलाइनों का कहना है कि कोविड के दौरान अंतरराष्ट्रीय हवाई किराए बहुत अधिक रहे हैं. कुछ जगहों के लिए एकतरफा किराया पूर्व-महामारी वापसी के किराए से ज्यादा है. केवल बढ़ी हुई क्षमता से ही किराया कम हो सकता है. नवंबर के मध्य से विदेशी पर्यटकों को गैर-चार्टर्स की इजाजत होगी. उच्च किराया भारत आने वाले यात्रियों के लिए परेशानी पैदा करेगा. अमेरिका आज से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए खुल रहा है. भारत का अमेरिका के साथ एक खुला समझौता है (जिसका अर्थ है कि एयर इंडिया और अमेरिकी वाहक दो स्थानों के बीच उड़ानों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाएंगे).
पहले ही 16 देशों से मंजूरी
WHO द्वारा Covaxin के अनुमोदन से पहले करीब 16 देशों ने भारत से वैक्सीन लगवाने वाले यात्रियों को इजाजत देने के उद्देश्य से इस वैक्सीन को स्वीकार किया था. WHO की मंजूरी के बाद यूके और कनाडा सहित कई देश Covaxin का मूल्यांकन कर रहे हैं. आने वाले दिनों में वो इसे मंजूरी दे सकते हैं. लोगों का कहना है कि यूके जल्द इसको मंजूरी दे सकता है.
ये है यूके और कनाडा का रुख
ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता के मुताबिक ब्रिटेन हमारी टीकाकरण आगमन नीति को विस्तार देने के लिए चरणबद्ध दृष्टिकोण अपनाना जारी रखेगा. वहीं कनाडा की समीक्षा का पूरा होना कई कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें अतिरिक्त डेटा की आवश्यकता, प्रायोजक के साथ चर्चा और सुरक्षा जानकारी के अपडेट के लिए आवश्यकताएं शामिल हैं.

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