गाजियाबाद में बुजुर्ग की पिटाई के वायरल वीडियो केस मामले में ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) को राहत देने के खिलाफ यूपी सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है.अदालत के नोटिस पर ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को चार हफ्ते में जवाब देना है.माहेश्वरी के खिलाफ वायरल वीडियो के मामले में यूपी पुलिस ने ट्विटर इंडिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.
इसके बाद पुलिस की तरफ से भेजे गए नोटिस को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट ने ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वरी को अंतरिम राहत दी थी. साथ ही गाजियाबाद पुलिस को किसी तरह के सख्त कदम ना उठाने के निर्देश दिए थे.आपको बता दें कि ट्व‍िटर इंडिया ने मनीष माहेश्वरी को 22 अप्रैल 2019 को अपने इंडिया ऑपरेशंस के लिए एमडी के रूप में नियुक्त किया था. माहेश्वरी माया हरि को रिपोर्ट कर रहे हैं जो कि ट्विटर की उपाध्यक्ष और एशिया प्रशांत की प्रबंध निदेशक हैं. मनीष माहेश्वरी मूलत: दिल्ली के रहने वाले हैं. वो 2019 से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु टीम देख रहे हैं. इससे पहले वो नेटवर्क 18 डिज‍िटल के सीईओ रह चुके हैं.
MD ने खुद कैविएट फाइल की थी
मनीष माहेश्वरी ने भी सुप्रीम कोर्ट में खुद कैविएट फाइल की थी इसमें माहेश्वरी ने मांग की है कि यूपी सरकार की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए. गाजियाबाद के लोनी इलाके के एक बुजुर्ग का वीडियो पिछले दिनों ट्विटर पर वायरल हुआ था. इस वीडियो में बुजुर्ग ने मुस्लिम होने के चलते पिटाई होने, दाढ़ी काटे जाने और जबरदस्ती जय श्री राम के नारे लगवाए जाने का आरोप लगाए थे.
हालांकि यूपी पुलिस की जांच में इसका खंडन किया गया था. पुलिस का कहना था कि यह मामला तांत्रिक साधना से जुड़ा हुआ था और उसी के चलते उसकी पिटाई युवकों ने की थी.यही नहीं उसकी पिटाई करने के आरोपी युवकों में कई मुस्लिम समुदाय से भी ताल्लुक रखते हैं. ऐसे में दावा गलत पाए जाने के बाद यूपी पुलिस की ओर से वीडियो को सांप्रदायिक रंग देने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया. इनमें से एक मामले में ट्विटर का नाम भी शामिल किया गया है.

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