देशभर में आज से 15 से 18 वर्ष के बच्चों का कोविड-19 रोधी टीकाकरण शुरू हो गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक देश में करीब 13 लाख बच्चों को कोरोना का टीका लग चुका है. वहीं, इस उम्र वर्ग के करीब 34 लाख बच्चों ने टीकाकरण के लिए पंजिकरण कराया है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देश के अनुसार, इस आयुवर्ग के बच्चों को केवल कोविड-19 रोधी ‘कोवैक्सिन’ टीके की खुराक दी जा रही है.
आंकड़ों के मुताबिक अभी तक 15 से 18 वर्ष के बीच की आयु के 33,94,289 बच्चों ने वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. इसमें से अभी तक 12,91,932 बच्चों का टीकाकरण हो चुका है. सोमवार को माता-पिता अपने बच्चों के साथ टीकाकरण केन्द्र पहुंचे और इस दौरान टीकाकरण को लेकर किशोर काफी खुश एवं उत्साहित दिखाई दिए. प्रत्येक केन्द्र पर मौजूद ‘कोवैक्सीन’ की खुराक ऑनलाइन पंजीकृत बच्चों और बिना पंजीकरण के आने वाले बच्चों के लिए उपलब्ध है.
दिसंबर में मिला था ग्रीन सिग्नल
बता दें कि भारत के औषधि महानियंत्रक ने 24 दिसंबर को कुछ शर्तों के साथ 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए स्वदेशी रूप से विकसित भारत बायोटेक के कोविड-19 रोधी ‘कोवैक्सिन’ टीके के आपात स्थिति में उपयोग की स्वीकृति दे दी थी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्विटर के माध्यम से लोगों से अनुरोध किया कि वह टीकाकरण के लिए अपने परिवारों के पात्र किशोरों का पंजीकरण कराएं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘नववर्ष के अवसर पर आज (शनिवार) से 15 वर्ष से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के कोविड-19 रोधी टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर पंजीकरण शुरू किया जा रहा है. मेरा परिजनों से आग्रह है कि पात्र बच्चों के टीकाकरण के लिए उनका पंजीकरण कराएं.’’
11 राज्यों में 100 फीसदी लोगों को लग चुका पहला टीका
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने रविवार को कहा था कि 15 से 18 साल आयु समूह के किशोरों के टीकाकरण के दौरान कोविड-19 रोधी टीकों में घालमेल से बचने के लिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को अलग-अलग टीकाकरण केन्द्र स्थापित करने सहित आवश्यक उपाय करने चाहिए.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देशभर में पिछले एक हफ्ते में कोविड-19 के दैनिक मामलों में काफी वृद्धि दर्ज की गई है. सोमवार को देश में करीब 34 हजार नए मामले सामने आए. देश में 11 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले ही 100 प्रतिशत पहली खुराक टीकाकरण हासिल कर लिया है, जबकि तीन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 100 प्रतिशत पूर्ण टीकाकरण हासिल कर लिया है. इसके अलावा कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के जल्द ही 100 प्रतिशत टीकाकरण हासिल करने की उम्मीद है.
15-18 आयु वर्ग के लोगों को केवल कोवैक्सिन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के अनुसार, 15-18 आयु वर्ग के लोगों को केवल कोवैक्सिन ही दिया जा रहा है. देश की वयस्क आबादी को कोवैक्सिन के अलावा कोविशील्ड और स्पुतनिक V टीके दिये जा रहे हैं. टीकाकरण के महत्व को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हमें पात्र लाभार्थियों के लिए 15-18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों के टीकाकरण और एहतियाती खुराक के संबंध में योजना बनाने पर ध्यान देना चाहिए.’’
भारत अन्य देशों की तुलना में काफी आगे
अन्य विकसित देशों की तुलना में, भारत ने अपने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 93.7 करोड़ (भारत के महापंजीयक के अनुसार) पात्र वयस्क नागरिकों का टीकाकरण कर बेहतर प्रदर्शन किया है. पात्र आबादी के लिए पहली खुराक के मामले में, अमेरिका ने अपनी आबादी का केवल 73.2 प्रतिशत, ब्रिटेन ने 75.9 प्रतिशत, फ्रांस ने 78.3 प्रतिशत और स्पेन ने 84.7 प्रतिशत को कवर किया है. भारत पहले ही अपनी 90 प्रतिशत पात्र आबादी को टीके की पहली खुराक दे चुका है.
मंत्रालय ने कहा कि इसी तरह अमेरिका ने अपनी 61.5 प्रतिशत आबादी को दूसरी खुराक दी है जबकि ब्रिटेन ने 69.5 प्रतिशत, फ्रांस ने 73.2 प्रतिशत और स्पेन ने 81 प्रतिशत आबादी को दूसरी खुराक दी है. भारत में पात्र आबादी के 65 प्रतिशत से अधिक को टीके की दूसरी खुराक दी गयी है.
बयान के अनुसार 11 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले ही 100 प्रतिशत पहली खुराक टीकाकरण हासिल कर लिया है, जबकि तीन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 100 प्रतिशत पूर्ण टीकाकरण हासिल कर लिया है. इसके अलावा कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के जल्द ही 100 प्रतिशत टीकाकरण हासिल करने की उम्मीद है.

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